चुनावी रण में उतरने से पहले तमाम पार्टियों की कोशिश ये रहती है कि उसके नेतृत्व की बागडोर किसी ऐसे हाथ में हो, जिससे कई समीकरण एक साथ साधे जा सकें। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले RJD ने अपने प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर लिया है और मंगनी लाल मंडल के नाम पर मुहर ल
झारखंड की राजधानी रांची में रातू रोड फ्लाइओवर बनकर तैयार है। आगामी 19 जून को इसका उद्घाटन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा निर्धारित है।
झारखंड की राजनीति इन दिनों एक ऐसे विषय के इर्द-गिर्द घूम रही है, जिसे अगर ठीक से समझा जाए तो यह न केवल राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रश्न है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक आत्मा के लिए भी एक कसौटी-परीक्षण है।
"हिंदी साहित्य में कहां है मुस्लिम समाज?" इस सवाल को शोध का विषय बनाकर सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, मुंबई से जुड़े मुख्तार खान ने एक महत्वपूर्ण शोधकार्य पूरा किया है। उनके शोध “1980 के बाद की हिन्दी कहानियों में मुस्लिम समाज का समाजशास्त्रीय अनुशीलन” को मुंबई वि
ईद-उल-अजहा हर साल कुर्बानी की याद दिलाता है। भारत में इसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है।
‘जस्ट ट्रांजिशन’ अब एक वास्तविकता है और आने वाले समय में हमें ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ना ही होगा। इस दिशा को लेकर न तो किसी को संदेह है और न ही यह अब किसी बहस का विषय रह गया है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में एक सुनियोजित वैचारिक हमला भी शुरू हो चुका है, वह हमला जो बंदूकों से नहीं, शब्दों और प्रपंचों से किया जाता है।
10वीं बोर्ड के नतीजे घोषित हुए। देशभर में जश्न मन रहे थे, लेकिन बागलकोट के एक घर में जो हुआ, वह बाकियों से बिल्कुल अलग था—और बेहद खास भी।
देश में इन दिनों 'हिन्दू-राष्ट्र' की चर्चा जोर पकड़ रही है। धार्मिक और राजनीतिक मंचों से भारत को हिन्दू-राष्ट्र बनाने की मांग की जा रही है। लेकिन यह आग से खेलने जैसी बात है।
झारखंड की राजनीतिक ज़मीन पर जब भी जनसंघर्ष, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता की बात होगी, हेमंत सोरेन का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
पाम संडे (Palm Sunday) जिसे "खजूर रविवार" के नाम से भी जाना जाता है, ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है।
गिरिडीह के राजधनवार में रमज़ान में होली के गाने न बजाने की बात को लेकर एक समूह ने दुकानें जला दीं, बाइक में आग लगा दी। यह घटना निंदनीय है।