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माटी का वो लाल, जिसने गुरुजी की एक पुकार पर सब न्योछावर कर दिया, झारखंड के 'सोनू', छोड़ गए संघर्ष और निष्ठा का न मिटने वाला निशान

6 सितंबर 2026 की मनहूस सुबह झारखंड की राजनीति के एक ऐसे अध्याय को लील गई, जिसकी स्याही माटी के संघर्ष, खून-पसीने और निस्वार्थ निष्ठा से बनी थी।

मंत्री सुदिव्य सोनू का सियासी सफर : 1989 में JMM के प्राथमिक सदस्य बने, 2 चुनाव हारे, फिर 2 बार विधायक और मंत्री बने

हेमंत सोरेन कैबिनेट में मंत्री और गिरिडीह सदर के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन 6 सितंबर 2026 की सुबह हो गया। उनके निधन के साथ झारखंड की राजनीति में एक ऐसी राजनीतिक यात्रा का अंत हुआ, जिसकी शुरुआत करीब 37 वर्ष पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक प्राथमिक स

आदिवासी एकता महाजुट रैली से कांग्रेस को मिली ताकत, लेकिन भीड़ ने छोड़े भविष्य के कई सवाल… 

अब तक झारखंड मुक्ति मोर्चा के फैसलों पर सहमति जताने वाली कांग्रेस को इस विशाल भीड़ ने एक नई ताकत दी है। अब पार्टी गठबंधन में 'छोटे भाई' की भूमिका से बाहर निकलकर बराबरी का हक मांगने और अपने सुझावों पर अड़ने की स्थिति में आ गई है।

झारखंड छात्र आंदोलन : गांधीवादी रास्ते से भगत सिंह की राह तक पहुंचा आंदोलन, क्या हैं इसके मायने

राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है।

छात्र आंदोलन : गतिरोध और सन्नाटे को तोड़ने के लिए अब कोई तो आगे आए

संवादहीनता से उत्पन्न हो रही है कई तरह की समस्या और दुविधा

सत्ता और सचिवालय का सच : एक कर्मचारी पूरे कार्मिक पर भारी

कार्मिक विभाग और सचिवालय में कर्मचारी संजय चौधरी के रसूख की अंदरूनी कहानी। जानिए कैसे एक कर्मचारी पूरे प्रशासनिक तंत्र पर भारी पड़ रहा है। प्रत्येक रविवार पढ़ें - सत्ता सचिवालय का सच।

पुण्यतिथि विशेष : दिशोम गुरु शिबू सोरेन, जिनकी वैचारिक विरासत आज भी झारखंड की राजनीति में जीवित है

झारखंड की राजनीति को यदि पिछले 25 साल के आईने में देखा जाए तो एक बात निर्विवाद रूप से साफ दिखाई देती है। राज्य बनने के बाद, सरकारें बदलीं, मुख्यमंत्री बदले, गठबंधन बने और टूटे, राजनीतिक दलों की ताकत घटती-बढ़ती रही। लेकिन इन तमाम बदलावों के बीच एक चीज लगभग

पुण्यतिथि विशेष : दिशोम गुरु क्यों आज भी झारखंड के हर जनसंघर्ष में मौजूद दिखाई देते हैं?

आप झारखंड के किसी भी बड़े जनआंदोलन में चले जाइए। सरना धर्म कोड की मांग को लेकर निकले जुलूस में, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की रैली में, 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति के समर्थन में हुए प्रदर्शन में, या भूमि अधिग्रहण या विस्थापन के खिलाफ आयोजित

सत्ता और सचिवालय का सच : कमर में रस्सा लगा कर जेल भेज देंगे

द फॉलोअप पर प्रत्येक रविवार पढ़ते रहिए सत्ता और सचिवालय का अनाम सच

BJP नेता पर बड़ा एक्शन, 120 गाड़ियों की रैली निकालना पड़ा भारी

मध्य प्रदेश के भिंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचाने की अपील की अनदेखी करना भाजपा नेता को भारी पड़ गया।

रांची : सिविल कोर्ट में कैंपस में “पलाश आजीविका कैफे” का उद्घाटन, दीदियों को मिला रोजगारह का नया प्लेटफार्म 

पलाश आजीविका कैफे न्यायालय परिसर में काम करने वाले वकीलों, मुवक्किलों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को एक ही छत के नीचे अच्छी गुणवत्ता वाले भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है। 

रेलवे पर चढ़ा सरयू राय का ‘प्रेशर’

ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म करने के लिए सरयू राय के नेतृत्व में धरना और रेल यात्री संघर्ष समिति के हस्ताक्षर अभियान की सफलता ने सीनियर डीसीएम को सड़क मार्ग से ही चक्रधरपुर से टाटानगर आने पर मजबूर कर दिया...

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