झारखण्ड में अगले 5 दिनों (16 सितंबर तक) तक हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन, 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी रांची समेत खूंटी और सरायकेला में शनिवार (12 सितंबर) सुबह से रुक-रुककर बारिश जारी है। रांची में इस सीजन की कुल बारिश का आंकड़ा 1000 मिमी के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से 15% अधिक है। मौसम विभाग के अन
झारखंड में बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव से आज पलामू, गढ़वा, सिंहभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी। मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट।
झारखंड में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी है। बंगाल की खाड़ी में गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के बाद राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
झारखंड में मानसून हुआ सक्रिय! मौसम विभाग ने 10 से 12 सितंबर तक रांची, धनबाद, बोकारो समेत कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। जानें मौसम का ताजा अपडेट।
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय। रांची, बोकारो और धनबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट जारी। पढ़ें मौसम विभाग की ताजा अपडेट।
झारखंड में 10 सितंबर तक रांची और जमशेदपुर समेत कई इलाकों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
झारखंड में बारिश थमते ही तापमान बढ़ा है, लेकिन 8 सितंबर से मौसम का मिजाज फिर बदलेगा। 9 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
झारखंड में बारिश थमते ही तापमान बढ़ा है, लेकिन 8 सितंबर से मौसम का मिजाज फिर बदलेगा। 9 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 7 सितंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या मेघ गर्जन की संभावना है। अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 स
झारखंड में अगले 6 दिनों तक बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राज्य में 2 सितंबर तक सामान्य बारिश का कोटा 100% पूरा हो गया है।
झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि सड़कें पानी में डूब गई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है।