द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि सड़कें पानी में डूब गई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को कई प्रमुख बांधों के फाटक खोलकर पानी छोड़ना पड़ा है। जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार को चांडिल डैम के सभी 13 फाटक खोल दिए गए। वहीं, तेनुघाट डैम के 8 रेडियल और एक अंडर स्लूज गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। रांची के कांके और गेतलसूद डैम का भी एक-एक फाटक खोला गया है। गेतलसूद डैम से करीब तीन इंच और कांके डैम से लगभग पांच इंच पानी छोड़ा गया है।

खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर
जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में डुमरिया में राज्य की सबसे अधिक 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण रजरप्पा की भैरवी नदी भी उफान पर है। नदी का पानी बढ़ने से मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के आसपास की दर्जनों दुकानें पानी में डूब गई हैं। पानी मंदिर के वीआईपी गेट तक पहुंच गया है। इससे स्थानीय दुकानदारों के सामने भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

गढ़वा में नदियों का जलस्तर बढ़ा
गढ़वा जिले में सोन, कोयल और कनहर नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी विद्यालयों को 2 और 3 सितंबर को बंद रखने का फैसला लिया है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, अल नीनो के प्रभाव के बावजूद बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्रों से राज्य में नमी पहुंच रही है। इसी वजह से झारखंड में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।