चाईबासा के नोवामुंडी वन क्षेत्र के बड़ाजामदा सब-बीट अंतर्गत टांकुरा गांव (बुरमासाई) के पास मंगलवार देर रात एक हथिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 30 अक्टूबर को सिंदरीगौरी में कुएं में गिरने से हुई हथिनी की मौत के महज छह दिन बाद यह दूसरी घटना है।
पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी में धान के खेतों के बीच बने सिंचाई कुएं में गिरने से एक मादा हाथी की मौत। वन विभाग ने जेसीबी की मदद से शव को बाहर निकाला।
झारखंड में हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार रात सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में हाथियों के हमले की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं।
गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासों से पता चला है कि मोहन को नकली कागज़ात और असम के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके दूसरी जगह भेजा गया था।
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। तिरुलडीह-2 पंचायत के लावा गांव स्थित बनडीह टोला में गुरुवार रात एक जंगली हाथी के हमले में 60 वर्षीय चंपा सिंह मुंडा की मौत हो गई।
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया वन क्षेत्र में सोमवार देर रात हाथियों के हमले में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना चाकुलिया-केरूकोचा मुख्य सड़क पर बड़ामारा गांव के पास हुई. घायल की पहचान बहरागोड़ा प्रखंड के धाधिका गांव निवासी नीलकंठ नायक (45) क
गिरिडीह में वन विभाग ने सूझबूझ और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 28 हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से रिहायशी इलाकों से बाहर निकालकर जंगलों तक पहुंचाया। यह अभियान गिरिडीह वन प्रक्षेत्र अंतर्गत पीरटांड़ के दुधनिया गांव में चलाया गया, जहां सरिया क्ष
सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सोड़ो पंचायत के हाड़ात गांव में जंगली हाथियों ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। अचानक गांव में घुसे हाथियों के झुंड ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया और लोगों पर हमला कर दिया।
कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह पंचायत स्थित एक ईंट भट्ठे पर देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि मजदूर अपने अस्थायी ठिकानों में सो रहे थे
चांडिल के वन क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना शनिवार सुबह कुकडू प्रखंड की तिरुलडीह पंचायत अंतर्गत सापारुम गांव में हुई,
झारखंड के बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पर शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने रेल यातायात को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। आमिलान और निद्रा स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी की चपेट में आने से हाथी का एक शावक गंभीर रूप से घायल हो गया।
एक को इलाज के लिए रांची भेजा गया, सात की हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज