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हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी पर हमारी खास निगाह, हम निपट लेंगे: नौसेना प्रमुख

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द फॉलोअप टीम, दिल्ली: 

आज नौसेना दिवस है। इस मौके पर नव-नियुक्त नौसेना अध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी उत्तरी सीमा में जारी ताजा विवाद और कोरोना महामारी ने एक साथ 2 जटिल चुनौतियों का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि, भारतीय नौसेना दोनों चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया कि भारत में 39 युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। 

37 युद्धपोतों का निर्माण हो रहा है
नौसेना अध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना की क्षमता में इजाफा करने के लिए मौजूदा वक्त में 39 युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 37 का निर्माण मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। ये आत्मनिर्भर भारत की हमारी खोज को दर्शाता है। हम समुद्र में और भी ज्यादा ताकतवर होंगे। 

हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी
समुद्र में चीन की बढ़ती ताकत को लेकर एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि चीनी नौसेना 208 से ही हिंद महासागर में मौजूद है। हिंद महासागर में चीन के सात से आठ युद्धपोत मौजूद हैं। हमारे विमानों और जहाजों द्वारा उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। हम उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगाह रख रहे हैं। किसी भी नापाक हरकत का माकूल जवाब दिया जायेगा। 

चीन की गतिविधियों पर है खास निगाह
नौसेना प्रमुख ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में चीनी नौसेना ने 110 युद्धपोतों का निर्माण किया है। हम इसके विकास से अवगत हैं। नौसेना प्रमुख ने कहा कि हम इंडियन ओशियन रीजन में चीन की गतिविधियों और युद्धपोतों की तैनाती पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारतीय नौसेना भारत की समुद्री हितों की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है। हम किसी भी चुनौती से निपट सकते हैं।