द फ़ॉलोअप टीम,रांची:
अफगानिस्तान में अब तालिबान का कब्ज़ा है। तालिबान के लड़ाकों ने काबुल पर भी कब्ज़ा कर लिया है। इसके साथ ही तालिबान ने युद्ध समाप्त करते हुए अमन और शांति जैसे मीठे शब्दों का प्रयोग किया है। लेकिन पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग पलायन करने पर मजबूर हैं। लोगो में तालिबान का इतना खौफ है कि वो देश छोड़ने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। अफगानिस्तान के लिए लोग दुनियाभर में प्रार्थना कर रहे हैं जब से तालिबान ने उस पर कब्जा किया है। फिर अफगानिस्तान में कला, संस्कृति, सिनेमा और संगीत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। क्योंकि पहले शासन काल में भी तालिबान ने सिनेमा और संगीत पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी। इसके बावजूद अफगानिस्तान के लोगों के दिलों में बॉलीवुड के लिए प्यार जिंदा रहा। 20 साल पहले तालिबान पर अमेरिका के हमले के बाद अफगानिस्तान में एक बार फिर खुला माहौल नजर आने लगा। बॉलीवुड फिल्मों की तरफ लोग आकर्षित होने लगे। अफगान सिनेमा 'पॉलीवुड' के नाम से जाना जाता रहा है। बॉलीवुड और पॉलीवुड के बीच बहुत गहरा रिश्ता रहा है। सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे कई वीडियोज देखने को मिल जाएंगे, जिनमें अफगानी लोग बॉलीवुड की फिल्मों की तारीफ करते हुए नजर आ जाएंगे। यही वजह है कि अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, श्रीदेवी के बाद शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सितारे वहां बहुत मशहूर हैं। वहां के सिनेमाघरों में कई फिल्में रिलीज होती रही हैं, लेकिन जो नहीं हो पातीं उनकी पाइरेटेड सीडी और कैसेट तक खूब बिका करते थे।

अमिताभ खुदा गवाह की शूटिंग के लिए गए थे अफगानिस्तान
हिंदुस्तान से अफगानिस्तान का असली परिचय फिल्म 'खुदा गवाह' के जरिए हुआ था। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म 'खुदा गवाह' साल 1992 में रिलीज हुई थी। इसमें बादशाह खान का किरदार अमिताभ ने, 'बेनजीर' का श्रीदेवी और 'खुदा बख्श' का रोल डैनी ने निभाए थे। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग अफगानिस्तान के शहर मजार-ए-शरीफ, कंधार, काबुल और इनके आसपास के इलाकों में हुई थी। बुजकशी (घोड़ों पर सवार होकर खेले जाने वाला एक खेल) का एक सीक्वंस मजार-ए-शरीफ में 'मुश्किलों' में फिल्माया गया था।

राष्ट्रपति नजीबुल्ला अहमदजई से मिले थे बिग बी
2013 में अमिताभ ने मीडिया से बताया था कि भारत आने से एक दिन पहले रात में काबुल में नजीबुल्लाह ने उन्हें प्रेजिडेंट आवास पर बुलाया और 'ऑर्डर ऑफ अफगानिस्तान' से नवाजा गया। उस शाम, उनके अंकल ने हमारे लिए भारतीय राग गाया। बिग बी का स्वागत किसी राष्ट्राध्यक्ष की तरह किया गया। अमिताभ बच्चन और डैनी डेंजोंगप्पा को देखते ही वहां लोगों ने उन्हें अपने कंधों पर बिठा लिया. फिर शहर में घुमाया।

सुरक्षा में लगा दी थी आधी एयरफोर्स
खुदा गवाह की दौरान अमिताभ बचन को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने उनके सुरक्षा के लिए अपनी आधी एयरफोर्स लगा दी थी। बिग बी सहित पूरी फिल्म यूनिट की सुरक्षा के लिए लड़ाई में इस्तेमाल होने वाले सैन्य हेलीकॉप्टर और अपना निजी सुरक्षा दस्ता मुहैया करा दिया था। साल 1992 में सोवियत संघ के टूटते ही नजीबुल्लाह की सरकार चली गई। इसके बाद में अफगानिस्तान में गृह युद्ध छिड़ गया। साल 1996 में तालिबान ने नजीबुल्लाह को सरेआम फांसी पर लटका दिया था।
(इंटर्न तरुण कुमार की कॉपी)