द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से SIR के तहत हटाए गए नामों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया कि अप्रैल 2026 से काम कर रहे अपीलेट ट्रिब्यूनल अब तक 1,26,194 अपीलों पर फैसला कर चुके हैं। 16 सितंबर तक 37,05,235 अपीलें लंबित थीं। मौजूदा रफ्तार से इन्हें निपटाने में करीब 146 महीने यानी 12 साल से ज्यादा लग सकते हैं।
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90 फीसदी से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट में वापस जोड़े गए
ECI के मुताबिक, ट्रिब्यूनल हर महीने औसतन 25,238 केस निपटा रहे हैं। अब तक जिन अपीलों पर फैसला हुआ, उनमें 1,13,943 यानी 90 फीसदी से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट में वापस जोड़ दिए गए हैं। SIR के बाद कुल 22.2 लाख वोटरों ने अपील दायर की थी, जबकि करीब 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे।

ट्रिब्यूनल की संख्या 19 से बढ़ाकर 42 करने की मांग
मामलों के जल्द निपटारे के लिए चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से ट्रिब्यूनल की संख्या 19 से बढ़ाकर 42 करने की मांग की है। आयोग ने ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का सुझाव भी दिया है। ECI ने कहा है कि ट्रिब्यूनल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जजों की कमेटी के बनाए SOP के तहत काम कर रहे हैं।
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