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निकलो यहां से! तृणमूल का मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर गंभीर आरोप, आयोग के ट्वीट की पूरी कहानी जानिए...

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कोलकाता:

टीएमसी ने आरोप लगाया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उनके प्रतिनिधिमंडल को मीटिंग के बीच में से चले जाने को कहा. बकौल टीएमसी सांसद डेरेक-ओ-ब्रायन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मीटिंग के 7वें मिनट में ही कहा कि निकल जाओ यहां से. सांसद का दावा है कि उनकी अगुवाई में टीएमसी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बंगाल में अधिकारियों के तबादले के बीच पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की प्रासंगिकता पर बात करने पहुंचा था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई.

डेरेक-ओ-ब्रायन ने दावा किया कि सुबह 10:02 बजे शुरू हुई मीटिंग 10:07 बजे ही खत्म हो गई. टीएमसी सांसद ने कहा कि यदि लगता है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के बारे में झूठी और अनर्गल बातें कर रहे हैं तो मैं निर्वाचन आयोग को घटनाक्रम का वीडियो और ऑडियो जारी करने की चुनौती देता हूं. 

टीएमसी सांसद ने कहा कि हमारे प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक नेता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को इस बात के  लिए बधाई दी है कि वे भारतीय चुनावों के इतिहास में पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं जिनको हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस आया है. 

 

चुनाव आयोग के ट्वीट पर टीएमसी का तंज
गौरतलब है कि इसी बीच चुनाव आयोग ने ट्वीट किया है कि बंगाल चुनाव में भय, पक्षपात, हिंसा, प्रलोभन, बूथ कैप्चरिंग और सोर्स जैमिंग के बगैर चुनाव होगा. चुनाव आयोग का दावा है कि मीटिंग में यही बात हुई थी. डेरेक-ओ-ब्रायन ने चुनौती देते हुए कहा कि वह साबित करें कि मीटिंग में ऐसी कोई बातचीत हुई थी. उनका दावा है कि 5 मिनट में ही मीटिंग इस शब्द के साथ खत्म हो गई कि निकलो यहां से.

टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया है कि तबादले के बाद जिन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, उनका भारतीय जनता पार्टी के साथ सीधा संपर्क है. उन्होंने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं. गौरतलब है कि नंदीग्राम में सीएम ममता बनर्जी और बीजेपी के शुभेंदू अधिकारी आमने-सामने होंगे. 

टीएमसी के चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
टीएमसी ने दावा किया कि उनकी नेता ममता बनर्जी ने पिछले कुछ महीने में चुनाव आयोग को 9 चिट्ठियां लिखी, लेकिन जवाब नहीं आया. दरअसल, टीएमसी को राज्य में  जारी गहन विशेष मतदाता पुनरीक्षण पर आपत्ति है.

आरोप है कि बीजेपी के इशारे पर चुनाव आयोग वैध मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर निकाल रहा है. खासतौर पर उन इलाकों में जहां टीएमसी का मजबूत जनाधार है. चुनाव आयोग शुरुआत से इन आरोपों को खारिज करता रहा है. देखना दिलचस्प होगा कि यह लड़ाई कहां जाकर रुकती है. 

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