ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे शिप अवाना के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47) का 18 मार्च को हार्ट अटैक से दुबई में निधन हो गया था। घटना के आठ दिन बाद आज सुबह 6 बजे उनके शव को विमान से दुबई से दिल्ली लाया गया। गुरुवार को विमान समय पर उपलब्ध नहीं रहने के कारण दिल्ली से शव शुक्रवार सुबह 6 बजे पटना के लिए रवाना होगा। पटना में विमान के सुबह 8 बजे पहुंचने की संभावना है। इसके बाद पैतृक गांव तक सड़क मार्ग से शव नालंदा जिले के बिहारशरीफ होते हुए गोरोचक पहुंचेगा, जहां शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रांची के अरगोड़ा से उनकी पत्नी और दोनों पुत्र सहित परिजन गांव पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि शिप में तेल लोड कर कैप्टन राकेश रंजन भारत के लिए रवाना हुए थे। दुबई पोर्ट से लगभग 60 किलोमीटर का समुद्री मार्ग तय करने के बाद ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया, जिसके कारण होर्मुज का मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया।
करीब 18 दिनों तक वे अपनी टीम के साथ समुद्र में लंगर डालकर शिप में ही रहे। 18 मार्च को हार्ट अटैक आने के बाद वे कुर्सी से नीचे गिर गए। स्टाफ ने प्रारंभिक तौर पर उन्हें सीपीआर दिया और फिर दुबई एटीसी से संपर्क कर एयर एंबुलेंस की मांग की, लेकिन युद्ध के कारण एयर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में उन्हें बोट के जरिए दुबई पोर्ट लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनका शव दुबई के शेख राशिद अस्पताल में रखा गया। पोस्टमार्टम और पोर्ट थाना से एनओसी सहित अन्य प्रक्रियाएं बुधवार को पूरी कर ली गईं।