द फॉलोअप डेस्क
पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राज्यपाल केटी परनायक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी के साथ पेमा खांडू लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए है। उनके अलावा चाउना मीन ने डिप्टी सीएम की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा मौजूद रहे।गौरतलब है कि पेमा खांडू को बुधवार के दिन ही एक बैठक में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था। बता दें कि प्रेमा खांडू इस बार निर्विरोध विधायक चुने गए थे।

2019 में थामा था बीजेपी का दामन
पेमा खांडू ने साल 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री पिता दोरजी खांडू की मौत के बाद राजनीति में कदम रखा था। यहां से वो मुक्तों से कांग्रेस विधायक बने। इसके बाद 2014 फिर इसी सीट से जीते। इसके बाद साल 2016 में 36 साल की उम्र में अरुणाचल के मुख्यमंत्री बनें। उन्होंने नबाम तुकी के इस्तीफे के बाद पहली बार पदभार संभाला था। चीन की सीमा से लगते इस महत्वपूर्ण राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभालने के बाद से खांडू और उनके मंत्रिमंडल ने दो बार अपनी पार्टी बदली है पहले कांग्रेस का दामन छोड़ पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश (पीपीए) में गए और फिर बीजेपी में, वह भी महज पांच महीने के अंतराल में। उनके कार्यकाल के मात्र तीन महीने बाद ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के 43 विधायक बीजेपी की सहयोगी पीपीए में शामिल हो गए थे। इसके बाद साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान वे बीजेपी की टिकट से जीत हासिल कर फिर सीएम बनें।

60 में से 46 सीटें पर जीती बीजेपी
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 46 सीटें जीती। पेमा खांडू सहित पार्टी के 10 प्रत्याशी निर्विरोध विधायक चुने गए थे। इसलिए चुनाव 50 सीटों पर ही हुए थे। राज्य में भाजपा का नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के साथ गठबंधन है। NPP को 5 सीटें मिलीं। इस लिहाज से अरुणाचल में NDA के पास 51 सीटें हैं। अरुणाचल में भाजपा गठबंधन ने सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि कांग्रेस ने केवल 19 सीटों पर कैंडिडेट्स उतारे थे।