द फॉलोअप डेस्क
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल बिस्वभूषण हरिचंदन के बीच हुई बैठक के बाद, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद का बातचीत के ज़रिए समाधान निकलने की नई उम्मीदें जगी हैं। बैठक में महानदी जल विवाद पर खास तौर पर चर्चा हुई। खबरों के अनुसार, बातचीत का मुख्य फोकस दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच आपसी समझ और बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की संभावना पर था।
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दोनों राज्यों में अभी एक ही पार्टी की सरकारें हैं
माना जा रहा है कि हरिचंदन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों को बातचीत और आम सहमति से कोई अच्छा समाधान खोजने की कोशिश करनी चाहिए। खबरों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में अभी एक ही राजनीतिक पार्टी की सरकारें हैं और उनके बीच भाईचारे जैसे संबंध हैं। इसे देखते हुए, उन्होंने इस विवादित मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत और सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया।

पानी का बंटवारा झगड़े की एक बड़ी वजह
हरिचंदन के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें भरोसा दिलाया कि महानदी जल विवाद निश्चित रूप से सुलझा लिया जाएगा। इस भरोसे ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की नई कोशिशों की उम्मीद जगाई है। महानदी नदी के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल को लेकर विवाद दोनों राज्यों के बीच झगड़े की एक बड़ी वजह रहा है। हालिया बैठक और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के भरोसे ने आपसी सहमति वाले समाधान की संभावना पर फिर से ध्यान खींचा है। इन घटनाक्रमों को महानदी मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच आगे की बातचीत के लिए एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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