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दिल्ली : नुपूर शर्मा ने अपने बयान पर मांगी माफी, कहा- शिवजी के अपमान से मैं रोष में आ गई थी

नुपूर शर्मा ने अपने बयान पर मांगी माफी, कहा- शिवजी के अपमान से मैं रोष में आ गई थी

डेस्क: 

बीजेपी की सीनियर प्रवक्ता नुपूर शर्मा को पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में 6 साल के लिए निलंबित कर दिया। इस बीच नुपूर शर्मा ने मुस्लिम समुदाय और पैगबंर मोहम्मद पर की गई अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली है। नुपूर शर्मा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक नोट शेयर करके माफी मांगी है। 

नुपूर शर्मा ने लिखा है कि, 
"मैं पिछले कई दिनों से टीवी डिबेट पर जा रही थी। जहां रोजोना मेरे अऱाध्य शिवजी का अपमान किया जा रहा था। मेरे सामने ये कहा जा रहा था कि वो शिवलिंग नहीं फव्वारा है। दिल्ली के हर फुटपाथ पर बहुत शिवलिंग पाए जाते हैं। जाओ जा कर पूजा कर लो। मेरे सामने बार-बार इस प्रकार से हमारे महादेव शिवजी का अपमान को मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई और मैंने रोष में आके कुछ चीजें कह दीं। अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची तो मैं अपने शब्द वापिस लेती हूं। मेरी मंशा किसी को कष्ट पहुंचाने की कभी नहीं थी।" यही नहीं! नुपूर शर्मा ने सभी मीडिया हाउस से अपील की है कि उनका पता सार्वजनिक ना किया जाये क्योंकि उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। उन्हें खतरा है। 

टीवी डिबेट में की थी आपत्तिजनक टिप्पणी! 
गौरतलब है कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद पर शिवलिंग होने को लेकर छिड़े विवाद के बीच टीवी चैनलों पर डिबेट का आयोजन किया जा रहा है। अलग-अलग पॉलिटिकल पार्टी के प्रवक्ता इसमें हिस्सा लेते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे ही किसी टीबी डिबेट के दौरान नुपूर शर्मा ने मुस्लिम समुदाय के धर्मग्रंथ कुरान और पैगंबर मोहम्मद को लेकर कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। नुपूर शर्मा के इस बयान पर बवाल छिड़ गया। कहा जाता है कि इसी बयान के बाद कानपुर में हिंसा भड़की। मुस्लिम समुदाय इसके लिए नुपूर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था। 

बीजेपी ने नुपूर शर्मा के बयान से किनारा किया
बाद में भारतीय जनता पार्टी ने नुपूर शर्मा के बयान से किनारा कर लिया और कहा कि हम इससे इत्तेफाक नहीं रखते। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि बीजेपी ऐसे किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती और ना ही प्रोत्साहन देती है। भारत के हजारों वर्षों के इतिहास में यहां बहुत सारे धर्म पुष्पित-पल्लवित हुए हैं। बीजेपी सभी धर्मों का सम्मान करती है।