Paper Leak: सीजीएल (CGL) परीक्षा में पेपर लीक (Paper Leak) और धांधली (Scam) के मामले में एसआईटी (SIT) की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच के मुताबिक, पटना में परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को महज तीन घंटे में तीनों पेपर के कुल 370 प्रश्नों के उत्तर याद कराने की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से मूल प्रश्नपत्रों (Question Papers) को जला दिया गया। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में आरोपी संजय कुमार की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि उसने अभ्यर्थियों और बिचौलियों के बीच कड़ी बनकर परीक्षा में सफलता दिलाने की साजिश में अहम भूमिका निभाई।

लाइब्रेरी के जरिए शुरू हुआ संपर्क
केस डायरी के अनुसार, संजय कुमार की मुलाकात एक लाइब्रेरी के माध्यम से अजय कुमार से हुई थी। इसके बाद उसने परीक्षा पास कराने का भरोसा देकर अपने दोस्तों और दूसरे छात्रों से संपर्क करना शुरू किया। जांच में अनिल कुमार, विजय यादव, उत्तम कुमार, त्रिभुवन यादव, राम कृष्ण कुमार सिंह और अमित कुमार समेत कई अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं। एसआईटी इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

कृष्णा डिफेंस एकेडमी में बनी धांधली की योजना
जांच में आरोप है कि संजय कुमार ने पटना के भिखना पहाड़ी स्थित कृष्णा डिफेंस एकेडमी के संचालक राकेश रंजन के साथ मिलकर धांधली की योजना बनाई थी। अभ्यर्थियों से पैसे लेने के बदले परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराने का सौदा तय हुआ था। 20 सितंबर 2024 को अभ्यर्थियों को पटना बुलाया गया। उन्हें गांधी मैदान और बुद्ध स्मृति पार्क के पास एकत्र करने के बाद कथित तौर पर एक गुप्त ठिकाने पर ले जाया गया। वहां कुछ लोग प्रश्नपत्रों और उत्तरों के तीन सेट लेकर पहुंचे। अभ्यर्थियों को तीन घंटे में पूरी सामग्री याद करने को कहा गया। इसके बाद प्रश्नपत्रों को जला दिया गया और सभी अभ्यर्थियों को अलग-अलग समूहों में वहां से रवाना कर दिया गया।