द फॉलोअप डेस्क
भारत में ईरान के राजदूत, मोहम्मद फतहली ने कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाज, जो तेल टैंकर लेकर आ रहे हैं, उनसे टोल टैक्स नहीं वसूला गया है। ईरानी राजदूत आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान-भारत संबंधों के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा, दोनों देशों के संबंध इस कठिन समय में भी अच्छे हैं, हम इसका सम्मान करते हैं। ईरानी राजदूत ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले भारतीय टैंकरों ने ईरान को कोई टोल नहीं दिया है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस वादे के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान को भुगतान करने वाले जहाज़ों के गुज़रने पर रोक लगाने की बात कही थी।

क्या कहा ईरानी राजदूत ने
ईरान के दूतावास में एक ब्रीफिंग के दौरान राजदूत मोहम्मद ने पत्रकारों से कहा, "आप भारत सरकार से पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक उनसे कुछ भी शुल्क लिया है।" उन्होंने आगे कहा, "इस मुश्किल समय में, हमारे संबंध अच्छे हैं। हमारा मानना है कि ईरान और भारत के हित और भविष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।"
बता दें कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद जब ईरान ने इस जलमार्ग से जहाज़ों के गुज़रने पर रोक लगा दी थी, तब से भारत ने इस जलमार्ग से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जा रहे नौ जहाज़ों को सुरक्षित निकालने के लिए किसी भी तरह का टोल देने से बार-बार इनकार किया है। भारत का कहना है कि फ़ारस की खाड़ी में भारत का झंडा लगे 15 जहाज़ अभी भी फंसे हुए हैं। गौरतलब है कि भारत की लगभग आधे कच्चा तेल और LPG की आपूर्ति होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रती है।
