डेस्क:
भारतीय जनता पार्टी की निलंबित राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही। दरअसल, अब मुंबई पुलिस नुपूर शर्मा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। मिल रही जानकारी के मुताबिक मुंबई पुलिस बहुत जल्द निलंबित बीजेपी प्रवक्ता नुपूर शर्मा को समन भेजेगी। गौरतलब है कि नुपूर शर्मा पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर घिरी हैं।

नुपूर शर्मा का स्टेटमेंट रिकॉर्ड करेगी मुंबई पुलिस
मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय पांडे ने बताया कि मुंबई पुलिस नुपूर शर्मा को समन भेजकर ज्ञानवापी मुद्दे पर एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी के बारे में उनका बयान रिकॉर्ड करेगी। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी रविवार को ही इस मामले में नुपूर शर्मा को 6 साल के लिए निलंबित कर चुकी है। नुपूर शर्मा ने भी अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर स्टेटमेंट जारी करके माफी मांग ली है लेकिन मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, नुपूर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बारे में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अंतर्राष्ट्रीय बन गया है।
Mumbai Police will soon send a summon to suspended BJP spokesperson Nupur Sharma & record her statement, in connection with her alleged comments against Prophet Mohammed during a news debate on the #Gyanvapi issue: Mumbai CP Sanjay Pandey pic.twitter.com/g08eSeQvSP
— ANI (@ANI) June 6, 2022
पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी
दरअसल, बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और यूथ विंग भारतीय जनता युवा मोर्चा की अहम हिस्सा रहीं नुपूर शर्मा ने पिछले महीने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर जारी टीवी डिबेट में कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद और कुरान की आयतों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनके इस बयान से मुस्लिम समाज आक्रोशित है। रविवार को सबसे पहले कतर ने इस पर आपत्ति जताते हुए भारत से सार्वजनिक माफी की मांग की। इसके बाद सऊदी अरब, अफगानिस्तान, बहरीन और पाकिस्तान ने भी आपत्ति जताई। मध्य पूर्व के मुस्लिम देशों के संगठन ने भी भारत से माफी की मांग की। 
भारतीय जनता पार्टी ने बयान से किया किनारा
रविवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जारी बवाल के बीच भारतीय जनता पार्टी ने नुपूर शर्मा को 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि नुपूर शर्मा का बयान उनकी व्यक्तिगत राय है। पार्टी इससे इत्तेफाक नहीं रखती। बीजेपी ऐसे किसी भी बयान का समर्थन या प्रोत्साहन नहीं करती जिससे किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती हो।