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दिल्ली  : कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर फ़ंडिंग के मामलों में उम्र क़ैद की सज़ा 

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर फ़ंडिंग के मामलों में उम्र क़ैद की सज़ा 

डेस्क :
कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मालिक को टेरर फंडिंग मामले में उम्र क़ैद और 10 लाख रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई गई हैं। NIA की विशेष अदालत में 19 मई को हुए सुनवाई में यासीन को UAPA (गैरकानूनी रोकथाम अधिनियम )के तहत मलिक को दोषी करार दिया था। यासीन मलिक पर 2017 में कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने जैसे तमाम गंभीर आरोप है। यासीन ने दिल्ली की अदालत में यूएपीए के तहत दर्ज ज्यादातर मामलों में अपने पर लगे आरोपों को कबूल कर चुका है। 2019 में केंद्र सरकार ने जेकेएलएफ पर प्रतिबंध लगा दिया था। वह अभी तिहाड़ जेल में बंद है। इसके अलावा यासीन पर 1990 में एयरफोर्स के 4 जवानों की हत्या का आरोप है, इस आरोप को भी  उसने स्वीकारा था। उस पर मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण का भी आरोप है।

जेकेएलएफ से जुड़ा रहा है यासीन मलिक 
यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) से जुड़ा है।जम्मू कश्मीर में  1989 के आखिर व 1990 के शुरूआत में जेकेएलएफ ही एकमात्र आतंकी संगठन था। उसी ने कश्मीर से पंडितों को विस्थापित होने के लिए मजबूर किया। यह संगठन कश्मीर की आजादी का नारा देता था, जो पाकिस्तान को पसंद नहीं था क्योंकि वह कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाना चाहता था। जेकेएलएफ की ओर से घाटी में पैर पसारने के कारण पाकिस्तान ने हिजबुल को प्रश्रय देना शुरू कर दिया।इसके बाद जेकेएलएफ अलग रास्ता अख्तियार करते हुए टेरर फंडिंग से लेकर अन्य आतंकी घटनाओं में शामिल हो गया। जेकेएलएफ आतंकियों ने ही न केवल कश्मीरी पंडितों बल्कि भारत के पक्ष में बोलने वालों मुस्लिमों पर भी हमले किए। कश्मीरी पंडितों का कहना है कि यासीन मलिक की सजा से पूरी घाटी में आतंकवाद के पारिस्थितिकी तंत्र को जबर्दस्त झटका लगेगा।

यासीन मालिक ने गुनाह कबूल किया
यासीन मलिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को कोर्ट के सामने चुनौती देने से इंकार किया है। यासीन मलिक ने कोर्ट में कहा था कि वह UAPA की धारा 16 (आतंकवादी गतिविधि ),17 (आतंकवादी गतिविधि के लिए धन जुटाने ) के साथ धारा 18 व 20 के साथ भारतीय दंड सहिता की धारा 120 -बी (आपराधिक साज़िश ) व 124 -ए (राजद्रोह )के तहत खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देना चाहता।

सजा से पहले यासीन ने कहा कोर्ट के फैसले पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा 
19 मई को यासीन मलिक के मामले की सुनवाई पूरी हो गई थी।मामले में दोषी करार दिए जाने पर आज NIA की ओर से कोर्ट में  यासीन मलिक के लिए फांसी की मांग की गई। इस पर मलिक ने 10 मिनट शांत रहने के बाद कहा कि कोर्ट ने जब भी मुझे बुलाया मैंने समर्पण किया बाकि कोर्ट को जो ठीक लगे मैं उसके लिए तैयार हूँ ।