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हेल्थ : मंकीपॉक्स से बचाव के लिए कितना तैयार है भारत, ICMR की वैज्ञानिक ने बताया

मंकीपॉक्स से बचाव के लिए कितना तैयार है भारत, ICMR की वैज्ञानिक ने बताया

डेस्क: 

दुनियाभर में बढ़ते मंकीपॉक्स के मामलों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि भारत मंकीपॉक्स के निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि, अभी तक भारत में मंकीपॉक्स का कोई मामला नहीं मिला है। समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि भारत पूरी तरह से तैयार है। यूरोप, यूएसए सहित दुनिया के कई हिस्सो में मंकीपॉक्स का संक्रमण फैला है लेकिन भारत में फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है।

अस्वाभाविक लक्षणों की निगरानी
डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि हम अस्वाभाविक लक्षणों पर निगहबानी कर रहे हैं। खास तौर पर उन लोगों पर विशेष निगाह रखी जा रही है जिन्होंने हाल ही में मंकीपॉक्स से पीड़ित देशों की यात्रा की है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, जलर, शरीर में दर्द और चकते जैसे लक्षणों को मॉनिटर किया जा रहा है। यदि किसी में ऐसे लक्षण पाए जाते हैं तो उनको घबराने की बजाय जांच कराने की सलाह दी जाती है। डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि लोग पैनिक ना करें। मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में ना आयें। मंकीपॉक्स, संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से ही फैलता है। 

मंकीपॉक्स से बच्चों को ज्यादा खतरा
डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि मंकीपॉक्स का ज्यादा खतरा बच्चों को है। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों को स्मॉलपॉक्स का टीका लगाया जा चुका है, वे काफी हद तक मंकीपॉक्स के वायरस सुरक्षित हैं। कहा जाता है कि मंकीपॉक्स का वायरस स्मालपॉक्स वायरस परिवार का ही हिस्सा है। यही वजह है कि स्मालपॉक्स का टीका लगवाने वाला व्यक्ति, मंकीपॉक्स से भी सुरक्षित हो सकता है।

 

स्वास्थ्य मंत्रालय जारी करेगा गाइडलाइन
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द की मंकीपॉक्स को लेकर गाइडलाइन जारी कर सकता है। विशेष तौर पर उन नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी की जाएगी जो अक्सर अफ्रीका और यूरोपिय देशों की यात्रा करते हैं। फिलहाल भारत में कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन इससे बचाव की तैयारी जरूरी है।