द फॉलोअप डेस्क
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा, जिसमें पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को संपन्न होगा। इन सभी राज्यों में 4 मई को एक साथ मतगणना होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे। इन पांचों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 के बीच समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने हाल ही में इन राज्यों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी की थी।

राज्यों का राजनीतिक परिदृश्य
पश्चिम बंगाल:
राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच माना जा रहा है। विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है।
तमिलनाडु:
यहां 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस बार एनडीए और डीएमके गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। विधानसभा का कार्यकाल 10 मई तक है।
असम और केरल:
असम में भाजपा के सामने सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है, जबकि केरल में पारंपरिक रूप से एलडीएफ और यूडीएफ के बीच मुकाबला रहता है। असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई और केरल का 23 मई को खत्म होगा।
पुडुचेरी:
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान होगा और यहां का कार्यकाल 15 जून तक है।

मतदाताओं के आंकड़े
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
• पश्चिम बंगाल में लगभग 6.44 करोड़ मतदाता हैं।
• तमिलनाडु में करीब 5.67 करोड़ मतदाता दर्ज हैं।
• केरल में लगभग 2.71 करोड़ मतदाता हैं।
• असम में करीब 2.49 करोड़ मतदाता हैं।
• पुडुचेरी में करीब 9.44 लाख मतदाता हैं।
कई राज्यों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक बताई जा रही है, खासकर तमिलनाडु और केरल में।
सुरक्षा और चुनावी तैयारी
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इस बार चुनाव कम चरणों में कराने की योजना बनाई गई है। पिछली बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान हुआ था, लेकिन इस बार चरणों की संख्या घटाई गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की तैनाती की जाएगी।
ममता बनर्जी की घोषणा
चुनाव की तारीखों के एलान से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमामों, मुअज्जिनों और पुरोहितों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसे चुनाव से पहले विभिन्न समुदायों को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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