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मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर, असम में कृषि वैल्यू चेन को मिलेगी नई ताकत

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द फॉलोअप डेस्क 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 11 जून को 'मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना' को लागू करके कृषि वैल्यू चेन को मज़बूत करने के राज्य के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि असम की कृषि का भविष्य किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए ज़्यादा वैल्यू बनाने में निहित है। 'X' पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में आधुनिक प्रोसेसिंग और कृषि-बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं आकार ले रही हैं, जिससे किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण हितधारकों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।

कई अहम परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं
इस योजना के तहत, अलग-अलग ज़िलों में कई अहम परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें लखीमपुर में अनानास प्रोसेसिंग यूनिट, मोरीगांव में आधुनिक राइस मिल, तिनसुकिया में हाई-टेक मशरूम स्पॉन प्रोडक्शन यूनिट और कामरूप में एडवांस्ड मसाला प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं। 
सरमा के अनुसार, इस पहल का मकसद कृषि बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना, वैल्यू एडिशन में सुधार करना और किसानों के लिए बाज़ार से जुड़ाव को मज़बूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, "असम की कृषि का भविष्य ज़्यादा वैल्यू बनाने में है।" उन्होंने आगे कहा कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण आजीविका बेहतर होने और कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

व्यापक रणनीति का हिस्सा है
'मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना' राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद कृषि को आधुनिक बनाना, फ़ूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना और ग्रामीण असम में बुनियादी ढांचे पर आधारित विकास के ज़रिए रोज़गार के अवसर पैदा करना है। बता दें कि असम रबर उत्पादन में भी इन दिनों तेज गति से प्रगति कर रहा है। असम रबर उत्पादन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। रबर उत्पादन में देश में पहले नंबर पर केरल है, वहीं त्रिपुरा दूसरे स्थान पर है। 

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