रांची
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के गिर जाने पर झारखंड कांग्रेस ने इसे सरकार की नीतिगत विफलता और अहंकार का परिणाम करार दिया. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि सरकार के पास न तो पर्याप्त बहुमत का विश्वास है और न ही अपने ही सहयोगियों को साथ रखने की क्षमता. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना व्यापक चर्चा और सहमति के महत्वपूर्ण विधेयक लाने की कोशिश करती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है.
विधेयक का गिरना जनता की आवाज़ की जीत: कांग्रेस
कांग्रेस ने यह भी कहा कि विधेयक का गिरना जनता की आवाज़ की जीत है. पार्टी के अनुसार, विपक्ष लगातार इस विधेयक में मौजूद खामियों और जनविरोधी प्रावधानों की ओर ध्यान दिला रहा था, लेकिन सरकार ने संवाद की बजाय टकराव का रास्ता चुना. यही कारण है कि आज सदन में उसे हार का सामना करना पड़ा. पार्टी नेताओं ने मांग की कि सरकार इस घटना से सबक ले और भविष्य में किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक को लाने से पहले सभी दलों से व्यापक चर्चा करे. कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जनहित के मुद्दों पर हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी और किसी भी जनविरोधी नीति का विरोध जारी रखेगी. यह सिर्फ एक विधेयक की हार नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली पर जनता और संसद के अविश्वास का संकेत है.
