रांची
बोकारो में युवती का नरकंकाल बरामद होने के मामले में गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस महकमे के आला अधिकारियों को तलब किया गया। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मौखिक टिप्पणी में कहा कि केवल निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब जांच में लापरवाही हुई है, तो डीआईजी, एसपी और डीएसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
केवल जूनियर स्तर तक सीमित नहीं रह सकती
कोर्ट ने यह भी कहा कि निचले अधिकारियों का निलंबन इस बात का संकेत है कि मामले में गंभीर लापरवाही हुई है। ऐसे में जिम्मेदारी केवल जूनियर स्तर तक सीमित नहीं रह सकती। सुनवाई के बाद जांच में तेजी देखने को मिली। पुरानी एसआईटी को हटाकर नई एसआईटी का गठन किया गया। वहीं कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किए जाने के महज दो दिनों के भीतर ही नरकंकाल बरामद हो गया। इस पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए संकेत दिया कि मामले की जांच में जानबूझकर लापरवाही बरती गई थी।