जामताड़ा
जामताड़ा में बढती गर्मी और जल संकट की आशंका को लेकर आज डीसी ने खुद ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया. ग्रामीणों से उन्होंने संवाद किया और पानी की किल्लत और बंद पड़े संसाधनों की जानकारी ली. उन्होंने सदर प्रखंड के अंतर्गत उदलबनी पंचायत के डीभीसी टोला और भगना टोला सहित कई क्षेत्रों का दौरा किया. वहां उन्होंने चापाकलों, कुओं और जल मीनारों की स्थिति देखी. उन्हें ग्रामीणों ने कहा कि कई चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं, जबकि कुछ में काफी मेहनत के बाद बहुत कम पानी निकलता है. ऐसे में डीसी ने खुद चापाकल चलाकर पानी के स्तर की जांच की.
15 दिनों के अंदर ख़राब पेयजल स्रोतों की होगी मरम्मत
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सख्त हुए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जितने भी सक्रिय पेयजल स्रोत हैं, उनके पानी का सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए. मौके पर मौजूद जलसहियाओं ने पानी के सैंपल का परीक्षण किया, जिसमें विशेष रूप से आर्सेनिक की मात्रा की जांच की गई. उन्होंने कहा अगले 15 दिनों के भीतर जिले के सभी खराब पेयजल स्रोतों का डेटा तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनकी मरम्मत कराई जाएगी, ताकि भीषण गर्मी में किसी भी ग्रामीण को पानी के लिए दूर न जाना पड़े.

डीसी ने विद्यालय का भी किया निरीक्षण
भ्रमण के बाद उपायुक्त ने पंचायत भवन में मुखिया और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन हर पंचायत में बैठक कर जमीनी स्तर पर पानी की समस्या का आकलन कर रहा है ताकि तत्काल समाधान निकाला जा सके. पेयजल निरीक्षण के साथ-साथ उपायुक्त उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भगना टोला भी पहुंचे. वहां उन्होंने पठन-पाठन के स्तर, बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता का निरीक्षण किया. उन्होंने बच्चों से कक्षा में सवाल पूछे और उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में कोई कोताही न बरती जाए. इस दौरे से ग्रामीणों में एक उम्मीद जगी है कि इस बार उन्हें प्रचंड गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा.
