साहिबगंज:
बरहेट प्रखंड में कृषि लोन के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। कथित तौर पर शाखा प्रबंधक और सीएसपी संचालक की मिलीभगत से आदिम पहाड़िया जनजाति के लाभुकों को ठगी का शिकार बनाया गया है। किसी के खाते से 14,000 रुपये निकाले हैं तो किसी के साथ करीब 20 हजार रुपये की ठगी हुई है। किसी के खाते से तकरीबन 10 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। देखने में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन आदिम पहाड़िया और संताल आदिवासी समाज के लोगों के लिए यह उनकी गाढ़ी कमाई है।
खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि सीएसपी में उनसे अंगूठा लगवाकर पैसों की निकासी की गई। किसी को 3 तो किसी को 4 हजार रुपये थमाकर घर भेज दिया गया। सीएसपी संचालक अजय ने स्वीकार किया है कि उसने कुछ रकम खाताधारक को दी और बाकी का पैसा शाखा प्रबंधक को दिया।
ठगी की इस घटना में मुख्य रूप से 3 किरदार शामिल हैं। सीएसपी संचालक अजय कुमार दास, बिचौलिया वासुदेव मालतो और शाखा प्रबंधक अजय।

तलबड़िया पंचायत स्थित एसबीआई शाखा का मामला
मामला बरहेट प्रखंड अंतर्गत तलबड़िया पंचायत स्थित एसबीआई शाखा का है. आरोप है कि शाखा प्रबंधक, सीएसपी संचालक और बिचौलिया की मिलीभगत से कृषि लोन रिन्युअल के नाम पर लाभुकों से अंगूठा और हस्ताक्षर लेकर राशि निकाल ली गई। ठगी का शिकार हुए लोगों में बरहेट प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों के दर्जनभर से ज्यादा खाताधारक शामिल हैं। खाताधारक सीबी पहाड़िन, बेटका सोरेन और बदरी पहाड़िन समेत कई लाभुकों ने बताया कि हमने पहले कृषि लोन लिया था।
लाभुकों के खाते से निकाल ली गई है राशि
तलबड़िया पंचायत के बड़ा डलवा गांव निवासी वासुदेव मालतो उन्हें यह कहकर बैंक ले गया कि लोन रिन्युअल होगा. वहां लाभुकों से उनका आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और अंगूठा निशान लेकर लोन रिन्युअल की प्रक्रिया की गई। इसके बाद सभी को कदमा गांव स्थित सीएसपी में ले जाया गया और पैसों की निकासी की गई। लाभुकों का आरोप है कि उन्होंने जब ब्रांच मैनेजर और सीएसपी संचालक से इसकी जानकारी मांगी तो उनसे कहा गया कि आपने जो पहले लोन लिया था, आपको उसकी भरपाई करनी होगी। इसके बाद उनको घर भेज दिया गया। इन्हें निकासी की गई राशि से कुछ रकम दी गई।

कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर ठगी
जब इन लोगों ने आसपास पूछताछ की तो बताया गया कि लोन रिन्युअल के नाम पर आपके नाम से पैसों की निकासी कर ली गई है। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने ब्रांच मैनेजर से पूछा तो उन्हें वासुदेव मालतो से बात करने की सलाह दी गई। जब पीड़ितों ने वासुदेव मालतो से अपना पैसा मांगा तो उसने देने से इनकार कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि उनके कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर उनके साथ ठगी की गई है।
ठगी का शिकार हुए लाभुकों ने क्या-क्या बताया
गोराकेपु गांव की बदरी पहाड़िन का खाता तलबड़िया ब्रांच में है। उन्होंने पहले कृषि लोन लिया है। अभी उसकी किश्तें बाकी हैं। अभी उनको बताया गया है कि लोन रिन्युअल से खाते में 13,713 रुपये की बढ़ोतरी हुई, लेकिन पैसा बदरी पहाड़िन को नहीं मिला।
पहाड़पुर गांव निवासी बेटका सोरेन ने भी पूर्व में कृषि लोन लिया था, जिसे अभी तक नहीं चुका पाए हैं. उनका आरोप है कि ब्रांच मैनेजर और सीएसपी संचालक ने उनको धोखे में रखकर उनके खाते से लोन रिन्युअल के नाम पर 19,600 रुपये की निकासी की है।
गोराकेपू गांव की सीबी पहाड़िन के खाते से भी रिनुअल के नाम पर 9,400 रुपये की निकासी की गई है।
रीजनल मैनेजर ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
इस केस को लेकर एसबीआई पाकुड़ के रीजनल मैनेजर पवन कुमार का कहना है कि यदि बैंक का कोई अधिकारी इस प्रकार वित्तीय गड़बड़ी के अपराध में संलिप्त है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। गौरतलब है कि अभी हाल ही में साहिबगंज, पाकुड़ और दुमका के विभिन्न एसबीआई ब्रांच में मैनेजर रहे एक व्यक्ति के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। उसने मृत पेंशनधारकों के खातों से रकम की निकासी की थी।
झारखंड पहले ही ट्रेजरी स्कैम से लहूलुहान है। अब कृषि लोन घोटाला और दर्द देगा। चिंता की बात है कि शिकार आदिम पहाड़िया जनजाति के लोग हैं। शिक्षा का अभाव, भौगोलिक दुर्गमता और बैंकिंग सिस्टम के प्रति समझ की कमी, आदिवासियों को गर्त में धकेल रही है।