हजारीबाग:
हजारीबाग जिला कोषागार से 2 बैंक खातों से पिछले 8 साल में 15,41,41,485 रुपये का गबन करने वाले 3 सिपाहियों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. वित्त विभाग के डाटा एनालिसिस से संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली थी. पुलिस ने इस केस में आरोपी शंभू कुमार, रजनीश सिंह और धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक पूछताछ में तीनों ने वित्तीय गड़बड़ी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
1.60 करोड़ रुपये फ्रीज करके सुरक्षित किया
वित्त विभाग द्वारा किए गए डाटा एनालिसिस में संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता चलने पर हजारीबाग के अपर समाहर्ता की अगुवाई में 4 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था. जांच जल ने हजारीबाग जिला कोषागार में दस्तावेजों की जांच को तो पाया कि अस्थायी पे आईडी बनाकर अवैध रूप से सरकारी राशि की निकासी की गई. उक्त राशि को विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों में हस्तांतरित किया गया. जांच के बाद 21 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया गया है. इनमें मौजूद 1.60 करोड़ रुपये की राशि को भी फ्रीज करके सुरक्षित किया गया है.
जिला कोषागार पदाधिकारी ने इस संबंध में लोहसिंगना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
बोकारो में 4.28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी
गौरतलब है कि इसी प्रकार बोकारो में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा शाखा में पदस्थापित लेखपाल कौशल कुमार पांडेय ने सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन मद से 3 साल में करीब 4.28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर ली. नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच कौशल कुमार पांडेय ने सरकारी खजाने से राशि निकालकर पत्नी अनु पांडेय के खाते में जमा कराया.