द फॉलोअप डेस्क
रांची में इस बार एक ऐसा दुर्गा पूजा पंडाल है जो काफी चर्चित है और लोग उसे पसंद भी कर रहे हैं। यह पंडाल प्राचीन ‘गुरुकुल’ शिक्षा व्यवस्था पर आधारित है। खास बात यह है कि इसमें कुल 21,000 पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। ये सभी पुस्तकें भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा के महत्व को दर्शाती हैं। यह पंडाल रांची के अरगोड़ा चौक पर स्थित है और देखने में एक भव्य पुस्तकालय जैसा प्रतीत होता है। इस पंडाल में हजारों पुस्तकों के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान है। इसे देखने के लिए हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। खासकर पुस्तक प्रेमियों के लिए यह पंडाल बेहद आनंददायक है।
यह पंडाल श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति द्वारा तैयार किया गया है। समिति के अध्यक्ष पंकज साहू ने बताया कि 21,000 चुनिंदा पुस्तकों से बने इस पंडाल में धार्मिक ग्रंथ रामायण, महाभारत और भगवद् गीता, संविधान की एक प्रति, हिंदी वर्णमाला, विज्ञान, इतिहास और झारखंड आंदोलन पर आधारित पुस्तकें शामिल हैं। 50×40 फुट के पंडाल के अंदर 14 फुट ऊंची दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई है और उसके सामने, कुछ दूरी पर, 15 फुट ऊंचा एक पीपल का पेड़ खड़ा किया गया है। इसके नीचे गुरुकुल परंपरा को दर्शाया गया है, जिसमें ऋषि, शिष्यों से घिरे हुए, रामायण और महाभारत की प्रतियां लिए, देवी की ओर मुख करके खड़े हैं। पंकज साहू ने बताया कि समिति ने पंडाल, मूर्तियों और प्रकाश व्यवस्था पर लगभग 38 लाख रुपये खर्च किए हैं।
