मेदिनीनगर (डालटेनगंज)
मेदिनीनगर की महापौर अरुणा शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ कानूनी प्रावधान नहीं, लोकतंत्र को सशक्त बनाने का आधार साबित होगा। मौके पर शहर कई सामाजिक महिला संगठन की अध्यक्ष उपस्थित रहीं। महापौर ने अपने संबोधन में कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे महिलाओं की भागीदारी नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल एवं स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में नीतियां अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनेंगी। स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि यही प्रभाव अब संसद और विधानसभाओं में भी देखने को मिलेगा।
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पीएम की उपलब्धियां बताईं
महापौर ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री जन धन योजना”, “मुद्रा योजना”, “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना”, “पोषण 2.0”, “उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री आवास योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” एवं “जल जीवन मिशन” जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने यह भी बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों महिलाएं वित्तीय, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं “लखपति दीदी” और “नमो ड्रोन दीदी” जैसी पहलें उन्हें नई तकनीकी और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं।

मौके पर ये लोग रहे मौजूद
भाजपा नेत्री स्मिता आनंद ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023” महिलाओं को केवल नीति का लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की मुख्य भागीदार बनाएगा। उन्होंने इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री महिला विंग की अध्यक्ष शिखा अग्रवाल, सृजल अग्रवाल, संध्या शेखर, प्रीति राज, पूजा भिवानीय, भाजपा नेत्री मंजू गुप्ता, रेनू गुप्ता सहित अनेक गणमान्य महिलाएं एवं सदस्य उपस्थित रहीं। समापन महिलाओं के सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
