द फॉलोअप डेस्क
बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत चिंगड़ा पंचायत के काटोशोल गांव में सबर आदिवासियों द्वारा पकड़े गए एक बड़े आकार के विषखोपड़ा (मॉनिटर लिजर्ड) को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई बहरागोड़ा के बीडीओ की पहल पर की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, सबर आदिवासियों द्वारा पकड़े गए इस विषखोपड़ा की ब्लैक मार्केट में कीमत लाखों रुपये में है। ग्रामीण इसे छोड़ने को तैयार नहीं थे। मौके पर मौजूद कनीय अभियंता, गांव के मुखिया, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सेवक द्वारा काफी समझाने के बावजूद आदिवासी विषखोपड़ा को नहीं छोड़ रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ को पूरे मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद बीडीओ ने वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और विषखोपड़ा को सुरक्षित रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई।
बीडीओ ने बताया कि अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो संभव था कि सबर जनजाति के लोग विषखोपड़ा को मार कर खा लेते। यही कारण है कि इसे तत्काल रेस्क्यू कराया गया। बताया जा रहा है कि यह विषखोपड़ा एक बड़ी प्रजाति का है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये है।
