गढ़वा:
झारखंड के गढ़वा में कुएं से नर-कंकाल मिला है। इसकी शिनाख्त हो गई है। मृतक का नाम रितेश कुमार रवि है जो रंका थानाक्षेत्र अंतर्गत कंचनपुर गांव का रहने वाला था। रितेश का कंकाल हो चुका मृत शरीर खुरा गांव से 2 किमी दूर एक कुएं से मिला है। पुलिस ने बताया कि रितेश की मौत 7 जनवरी 2026 को हो चुकी थी। अब आपके मन में कई सवाल होंगे। मसलन, रितेश की लाश कुएं में क्यों मिली। रितेश की मौत हादसा है कि साजिश। कंचनपुर का रितेश आखिर, खुरा गांव कैसे पहुंचा। चलिए पूरी कहानी सुनाते हैं।

4 माह तक राज कैसे बनी रही रितेश की गुमशुदगी
रितेश का कत्ल हुआ था, लेकिन कातिल कौन है। रितेश को इश्क ने मार डाला, पर महबूब कौन है। रितेश ने इश्क की कीमत जान देकर चुकाई है, पर सवाल यह है कि उसकी जान लेने वाले कौन हैं। यदि रितेश की मौत जनवरी में हो गई थी, तो अप्रैल में उसकी लाश कैसे मिली। रितेश की मौत 4 महीने तक कैसे राज बनी रही।
पूरी कहानी आपको सिलसिलेवार ढंग से सुनाते हैं...
पिता की गुमशुदगी केस से शुरू हुई थी रितेश की खोज
यह कहानी शुरू होती है जनवरी में गुमशुदगी की एक शिकायत से। रंका थानाक्षेत्र के कंचनपुर गांव के रहने वाले कृष्णा राम ने थाने में लिखित शिकायत दी कि उनका बेटा रितेश कुमार रवि लापता है। उन्होने पुलिस को बताया कि 2 ठेकेदार रितेश को चेन्नई में काम दिलाने ले गये थे। रितेश वहीं से लापता है।
पुलिस कृष्णा राम की शिकायत के आधार पर शुरुआत में यही मानती रही कि रितेश के साथ चेन्नई में कोई अनहोनी हुई होगी। हालांकि, कोई सुराग नहीं मिल रहा था। आखिरकार, पुलिस ने रितेश कुमार रवि का कॉल रिकॉर्ड खंगाला तो उसमें एक नंबर संदिग्ध लगा। लापता होने से पहले रितेश की उस खास नंबर पर अक्सर बात होती थी। पुलिस ने उस नंबर की पड़ताल की तो एक नाम सामने आया। प्रियंका उर्फ केवला देवी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ तो सच सामने आ गया।

कंचनपुर के रितेश को खुरा गांव की प्रियंका से इश्क
गढ़वा जिला के कंचनपुर गांव के रहने वाले रितेश कुमार रवि को खुरा गांव निवासी प्रियंका देवी से इश्क हो गया था। प्रियंका उर्फ केवला देवी का पति धनंजय उरांव दूसरे प्रदेश में रहकर मजदूरी करता था। इसी बात का फायदा उठाकर रितेश अक्सर अपनी शादीशुदा प्रेमिका प्रियंका से मिलता था। दोनों के बीच अनैतिक संबंध भी स्थापित हो चुका था। धनंजय काम के सिलसिले में महीनों बाहर ही रहता और इधर रितेश उसकी पत्नी प्रियंका से मिलता था। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन फिर एक दिन रितेश कुमार रवि और प्रियंका उर्फ केवला देवी के संबंधों में खटास आ गई। प्रियंका ने रितेश से दूरी बनाना शुरू कर दिया जो उसके प्रेमी को नागवार गुजरी।
संबंधों में खटास आई तो प्रेमिका को ब्लैकमेल करने लगा
गढ़वा एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह बताते हैं कि रितेश अक्सर प्रियंका को फोन करने लगा। उसे संबंध जारी रखने के लिए धमकाता। वह मिलने के लिए ब्लैकमेल करता। केवल इतना ही नहीं, रितेश ने प्रियंका के साथ अपने अवैध संबंधों की जानकारी उसके पति धनंजय को भी दी। वह अक्सर धनंजय से कहता कि प्रियंका को छोड़ दो, उसे मैं अपने साथ ले जाऊंगा। इस वजह से प्रियंका और धनंजय में खूब विवाद हुआ। हालांकि, प्रियंका उर्फ केवला देवी ने अपनी गलती मानते हुए धनंजय से माफी मांग ली। इधर, रितेश ने परेशान करना बंद नहीं किया।

प्रियंका ने पति के साथ मिलकर प्रेमी को मार डाला
और फिर रची गई एक खौफनाक साजिश। एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने जानकारी दी कि प्रियंका और धनंजय ने मिलकर रितेश को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इस प्लान में धनंजय ने गांव के ही छोटू और नेपाली उरांव को भी शामिल किया। 7 जनवरी को प्लान के मुताबिक प्रियंका ने रितेश को फोन करके मिलने के लिए अपने घर बुलाया। काफी दिनों बाद प्रेमिका के बुलावे पर रितेश तैयार होकर घर से निकल गया। उसे अंदेशा भी नहीं था कि वो मौत की तरफ बढ़ रहा है।
रितेश, खुरा गांव पहुंचा, लेकिन वहां उसका इंतजार प्रियंका नहीं बल्कि उसका पति धनंजय और उसके दोस्त छोटू और नेपाली कर रहे थे। इन्होंने, तुरंत रितेश पर हमला बोल दियाा। उसे बेदम होने तक पीटा और फिर बोरे में उसकी लाश डालकर घर से 2 किमी कुएं में फेंक दिया।
रितेश की लाश को ठिकाने लगाने के बाद धनंजय समेत सभी आरोपियों ने अपना फोन बंद किया और कमाने के लिए दूसरे राज्य में चले गये। प्रियंका भी अपनी दिनचर्या में ऐसे व्यस्त हो गयी, मानो कुछ हुआ ही नहीं हो।
टेक्निकल सर्विलांस के जरिये आरोपी तक पहुंची पुलिस
एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि टेक्निकल सर्विलांस और मानवीय स्त्रोतों से पुलिस प्रियंका तक पहुंची और फिर धनंजय समेत बाकी आरोपियों तक। आरंभिक पूछताछ में सबने रितेश कुमार रवि हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने रितेश की प्रेमिका प्रियंका उर्फ केवला देवी और उसके पति धनंजय उरांव के अलावा हत्याकांड में सहयोगी छोटू और नेपाली उरांव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
रितेश का शव आरोपियों की निशानदेही पर ही बरामद किया गया। कपड़ों से उसकी पहचान हुई, लेकिन पिता से डीएनए मिलान किया जायेगा।