जामताड़ा:
फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत धसनियां शैक्षणिक अंचल में शुक्रवार को जब प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रेम कुमार दास ने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, डुमरियाबांक का औचक निरीक्षण किया तो वहां के हालात चौंकाने वाले थे। दरअसल, दोपहर के 11:35 बजे जब बीडीओ स्कूल परिसर पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। विद्यालय में न तो कोई शिक्षक मौजूद था और न ही छात्र। बदहाल व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकांश कक्षाओं में ताले लटके हुए थे।
जो कमरा खुला था, वहां डेस्क-बेंच खाली पड़े थे। मध्याह्न भोजन (MDM) योजना पूरी तरह ठप थी। रसोईघर बंद था और संयोजिका व रसोइया दोनों अनुपस्थित पाए गए।
स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
बीडीओ प्रेम कुमार दास ने इस स्थिति को 'कर्तव्यहीनता की पराकाष्ठा' करार दिया है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए बीडीओ ने प्रधानाध्यापक और बीईईओ (BEEO) से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि "सरकारी संसाधनों का इस तरह दुरुपयोग और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब प्रखंड के सभी स्कूलों का नियमित निरीक्षण होगा ताकि व्यवस्था दुरुस्त हो सके।" इस घटना ने क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की निगरानी और शिक्षकों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय अभिभावकों में भी इस कुव्यवस्था को लेकर भारी रोष है।