जमशेदपुर
जमशेदपुर में टाटानगर स्टेशन और आसपास के रेलवे ट्रैक एक बार फिर जानलेवा साबित हुए हैं। पिछले 24 घंटे के भीतर अलग-अलग जगहों पर ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं में ज्यादातर लोग ट्रैक पार करने या बंद फाटक के पास से जोखिम लेकर गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जिससे रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

अलग-अलग जगहों पर चार दर्दनाक हादसे
इन चार घटनाओं में एक व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, जबकि तीन मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

नवविवाहिता समेत तीन की पहचान, जांच जारी
सबसे संवेदनशील मामला सुंदरनगर थाना क्षेत्र के तुरामडीह रेलवे ट्रैक का है, जहां 19 वर्षीय नवविवाहिता मुस्कान सेरेन उर्फ बेबी सोरेन का शव मिला। वह सरायकेला के दुधी गांव की रहने वाली थी और चार महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। परिजनों के अनुसार, वह हाल ही में मायके आई थी और घटना से पहले अपनी सहेली के घर गई थी। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

फाटक पार करने के दौरान हादसे, दो और की मौत
दूसरी घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के राहरगोड़ा दुर्गा मंदिर के पास हुई, जहां 55 वर्षीय सुरू भूमिज की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वह साइकिल से ड्यूटी जा रहे थे और फाटक बंद होने के कारण ट्रैक किनारे से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। तीसरी घटना पोटका क्षेत्र में हुई, जहां 47 वर्षीय तारित गोप की ट्रेन से कटकर मौत हो गई।
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अज्ञात शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी
चौथी घटना जुगसलाई थाना क्षेत्र के दुखु मार्केट के पास हुई, जहां 37 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। आशंका है कि वह ट्रैक पार करते समय हादसे का शिकार हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद शीतगृह में रख दिया है और पहचान की कोशिश की जा रही है। सभी मामलों की जांच जारी है।