जमशेदपुर:
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थानाक्षेत्र में आर्थिक तंगी और लंबित पीएफ भुगतान से जूझ रहे टाटा स्टील के एक वेंडर कर्मचारी ने आत्मदाह कर कर लिया। मृतक की पहचान धुनी रोड निवासी गोरचंद महतो के रूप में हुई है। घटना बीते मंगलवार देर रात की है, जहां धुनी रोड स्थित अपने क्वार्टर के भीतर, गोरचंद महतो ने खुद की लगाई आग में अपने संघर्षों के साथ परिवार की कई उम्मीदों को भी झोंक दिया।

कमरे में बंद करके खुद को लगाई आग
जानकारी के अनुसार, गोरचंद महतो ने कमरे को भीतर से बंद किया और फिर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ऐसे में गोरचंद महतो की मौत महज एक आत्महत्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल है, जिसमें वर्षों की मेहनत से जमा-पूंजी भी समय पर अपने मालिक तक नहीं पहुंच पाती।

पीएफ भुगतान में देरी से तनाव में थे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोरचंद महतो लंबे समय से अपने भविष्य निधि (पीएफ) के भुगतान को लेकर परेशान थे। कई बार प्रयास के बावजूद राशि नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। बढ़ती तंगी और अनिश्चितता ने उन्हें मानसिक रूप से भी गहरे तनाव में डाल दिया था। कई बार प्रयास, बार-बार दौड़-धूप के बावजूद उन्हें हर बार केवल निराशा ही हाथ लगी। इंतजार आर्थिक तंगी में बदलती गई। घर की जरूरतें, बढ़ते खर्च और खाली हाथ लौटते प्रयासों ने उन्हें भीतर से तोड़ना शुरू कर दिया। आर्थिक दबाव ने मानसिक तनाव का रूप ले लिया और अंततः यह तनाव उस अंतिम फैसले तक पहुंच गया, जहां जिंदगी से ही वे हार मान बैठे।

सुसाइड नोट में लिख गए हैं अपनी पीड़ा
इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें गोरचंद ने पीएफ भुगतान में देरी और उससे उपजी मानसिक पीड़ा को अपनी आत्महत्या का कारण बताया है। फिलहाल सिदगोड़ा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
श्रमिक संगठनों ने घटना पर जताया आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि वेंडर कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के अधिकार अक्सर कागजों में ही सीमित रह जाते हैं। समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा की कमी, उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से असुरक्षित बना देती है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या दबाव की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।