द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड बजट सत्र के पांचवे दिन कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने ई-पेसा कानून का मुद्दा उठाया। विधायक ने पूछा कौन से प्रारूप को प्रकाशित किया गया है। संसदीय कानून में सरकार छेड़ छाड़ नहीं कर सकती है। देश भर में 5वीं अनुसूची वाले राज्य को खत्म किया जा रहा है। 1996 के तहत नियमावली बनाया जाए। 2001 के तहत नहीं बनाया जाए। अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे है। आपत्ति और सुझाव का अध्ययन किया जाए। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि कुछ सुझाव आए थे। उसे सम्मलित किया गया है। कानून के अनुरूप ही होगा । TAC में भी सहमति बनी थी सुझाव के लिए। मंत्री ने कहा इस दिखा लिया जाएगा ।
