द फॉलोअप डेस्क
गरीबों के अनाज को अपना अनाज समझने वाले सहकारिता पदाधिकारी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। विधानसभा के बीच में पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया साथ ही केस दर्ज कर आगे कि कार्रवाई शुरू कि गई है। दरअसल यह मामला साहिबगंज के पथना प्रखंड से जुडा है। वहीं इस मामले को सदन में दो दिन पूर्व ही उठाया था, इस घोटाले कि जानकारी नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद सदन में आश्वासन दिया गया था, कि चलते सदन में जाँच कर पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।

जिसके बाद गुरूवार को सदन में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सुचना दी की पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि आदिम जनजाति के बीच वितरण होने वाले खाद्यान का वितरण नहीं किया गया। जिसके बाद सहकारिता विभाग के सचिव को जाँच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। जिसमें मामला सही पाया गया, जिसके बाद पदाधिकारी को निलंबित किया गया है। वर्त्तमान में निलंबित पदाधिकारी जामताड़ा में सहकारिता पदाधिकारी के पद पर है।
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