द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज जिले में सीएनजी की लगातार कमी ने ऑटो चालकों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। पिछले लगभग एक महीने से गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण सड़कों पर दौड़ने वाले कई ऑटो अब खामोश खड़े नजर आ रहे हैं। जिन वाहनों की कमाई से रोज़ परिवारों का चूल्हा जलता था, वही अब बेकार हो गए हैं। चालकों का कहना है कि सीएनजी उनके लिए सबसे सस्ता और मुख्य ईंधन है, लेकिन इसकी अनुपलब्धता ने उनकी रोज़मर्रा की आय को लगभग ठप कर दिया है। मजबूरी में उन्हें महंगे पेट्रोल का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर बना रहा है। पेट्रोल के इस्तेमाल से भी चालकों की समस्या कम नहीं हो रही है। अधिकांश ऑटो की टंकी छोटी होने के कारण वे एक बार में केवल 15 से 20 किलोमीटर ही चल पाते हैं, जिससे दिनभर की सवारी करना संभव नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप उनकी आमदनी बेहद सीमित रह जाती है। पहले जहां पूरे दिन की मेहनत से घर का खर्च आसानी से निकल जाता था, अब कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन में ही खर्च हो जा रहा है। इसका सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है, जो रोज़ कमाने-खाने पर निर्भर हैं।
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कई परिवारों के सामने अब आर्थिक तंगी गहराने लगी है और बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब फाइनेंस कंपनियों और लोन का दबाव बढ़ने लगता है। कई चालकों ने बताया कि उन्होंने उधार और ग्रुप लोन के जरिए ऑटो खरीदा है। महीने के अंत में एक तरफ ग्रुप लोन और दूसरी ओर ऑटो फाइनेंस की किस्त जमा करने का दबाव लगातार बना रहता है। समय पर भुगतान न होने पर उन्हें फोन कॉल, जुर्माना और वसूली एजेंटों के जरिए मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में एजेंट घर तक पहुंचकर अपमानजनक व्यवहार करते हैं, जिससे चालकों को आर्थिक के साथ-साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ रहा है। ऑटो चालकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सीएनजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि वे अपनी आजीविका को फिर से पटरी पर ला सकें और उनके परिवारों पर मंडरा रहा संकट टल सके।
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