रांची नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में टैक्स कलेक्शन का नया रिकॉर्ड बना दिया है। निगम ने अपने पुराने सारे रिकॉर्ड को तोड़ते हुए वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले से 112 करोड़ रुपए टैक्स वसूली हो चुकी है। इसमें से 99 करोड़ रुपए सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स से आए हैं। दो दिनों के दौरान कम से कम 2 करोड़ रुपए वसूली का टार्गेट है। ऐसा हो गया तो पहली बार सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स से 100 करोड़ रुपए मिलने का रिकॉर्ड बनेगा। यह राशि पूरे राज्य के नगर निगम द्वारा वसूले गए टैक्स में सबसे अधिक है। इसके अलावा वाटर यूजर चार्ज और ट्रेड लाइसेंस से निगम को करीब 12 करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले साल प्रॉपर्टी टैक्स से करीब 92 करोड़ रुपए मिले थे। दो दिनों के दौरान अधिक से अधिक टैक्स वसूलने के लिए निगम ने ऑनलाइन टैक्स भरने की व्यवस्था दी है। ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स देने पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। जबकि, नगर निगम में स्थित जन सुविधा केन्द्र में जाकर टैक्स देने पर 2.50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। 31 मार्च के बाद चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स जुर्माना के साथ देना होगा। निगम को मिले टैक्स की राशि से शहर के सभी वार्डों की सूरत बदलेगी।
स्टेप 1 - सबसे पहले गूगल में रांची म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन का पोर्टल खोलें। इसके बाद जहां प्रापर्टी टैक्स लिखा है, उसे क्लिक करें।
स्टेप 2 - प्रापर्टी टैक्स में क्लिक करने के बाद सूडा का नया पोर्टल खुल जाएगा। यहां पर प्रॉपर्टी टैक्स विकल्प में क्लिक करें।
स्टेप 3 - यहां पहले कॉलम में अपने घर का 15 डिजिट का होल्डिंग नंबर डालें और दूसरे कॉलम में मोबाइल का अंतिम चार नंबर दर्ज करके सर्च करें।
स्टेप 4 - इसके बाद ऑनर डिटेल दिखेगा। यहां बकाया टैक्स देखने के लिए व्यू ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद प्रॉपर्टी का पूरा डिटेल दिखेगा। यहां मकान मालिक का नाम, कुल बकाया राशि का डिटेल दिखेगा।
स्टेप 5 - टैक्स का भुगतान करने के लिए पे नाउ पर क्लिक करें। इसके बाद पेमेंट मोड चुनें। यहां आप यूपीआई या डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। यहां कुल टैक्स और छूट की राशि दिखेगी।
स्टेप 6- पेमेंट डिटेल भरने के बाद सबमिट करेंगे। पेमेंट होने के बाद रसीद भी डाउनलोड कर सकते हैं।
घर बैठे 6 स्टेप में करें अपने घर के टैक्स का भुगतान, छूट का फायदा उठाएं
नगर निगम को मिले टैक्स के पैसे का उपयोग शहर के विभिन्न वार्डों के मुहल्लों में आधारभूत संरचना विकसित करने पर किया जाएगा। जिन वार्डों से अधिक टैक्स मिला है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। लंबे समय से जर्जर सड़कों और जलजमाव की समस्या झेल रहे इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है।