द फॉलोअप डेस्क
रांची में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाने की तैयारी में दिख रहा है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही री-एडमिशन और अलग-अलग मदों के नाम पर बढ़ती फीस से अभिभावकों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। इसी क्रम में आज उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित फी कमिटी मीटिंग में इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में शुल्क निर्धारण समिति, जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। अभिभावकों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कई अहम बिंदुओं पर विचार किया गया। शिकायतों में मुख्य रूप से स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाना, एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाना, और NCERT की पुस्तकों की बजाय महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें लागू करना शामिल था।

वहीं इस बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले सप्ताह सभी निजी स्कूल प्रबंधन के साथ एक और बैठक की जाएगी, जिसमें स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान DC मंजूनाथ भजंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के पालन पर जोर देते हुए कहा कि इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने NCRET पाठ्यपुस्तकों को नजरअंदाज करने वाले संस्थानों पर भी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। जिला प्रशासन के इस पहल से अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि इस बार प्रशासन केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ठोस कदम उठाकर निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा।
