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रांची में कालिख पोतकर घुमाई गई आदिवासी महिला, आजसू ने कहा- यह झारखंड की गरिमा पर हमला 

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द फॉलोअप डेस्क 

रांची के कोकर, भाभा नगर में आदिवासी महिलाओं के साथ हुई शर्मनाक घटना पर आजसू पार्टी ने तीखा विरोध जताया है। पार्टी ने कहा है की यह घटना निंदनीय है। सभ्य समाज में ऐसी घटना को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। झारखंड की मिट्टी में रहने वाले हर व्यक्ति को स्थानीय महिला, व्यक्ति,संस्कृति, गरिमा और कानून का सम्मान करना चाहिए। ज्ञात को की पिछले दिनों रांची के कोकर में एक आदिवासी महिला को कालिख पोत कर जूते की माला पहनाकर घुमाया गया था। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह केंद्रीय प्रवक्ता संजय मेहता ने रांची के कोकर क्षेत्र के भाभा नगर रोड नंबर-5 में हुई निंदनीय घटना पर गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना पूरे झारखंड की इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। संजय मेहता ने कहा कि झारखंड में निवास करने वाले हर व्यक्ति में राज्य के लोगों और यहाँ की मिट्टी के प्रति कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। लेकिन रांची में जो हुआ, वह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि सदर थाना क्षेत्र के भाभा नगर में एक झूठे चोरी के आरोप में आदिवासी महिला को चार दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। उनके चेहरे पर कालिख पोती गई, जूते-चप्पलों की माला पहनाई गई, ‘चोर’ लिखे पोस्टर लगाए गए और सरेआम घुमाया गया। इलाके के लोगों को धमकाया गया ताकि कोई विरोध न कर सके। यह मामला घृणित और चौंकाने वाला है। स्थानीय महिलाओं के विरोध के बाद ही पुलिस हरकत में आई है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पुलिस इस घटना की निष्पक्षता से जाँच करे और दोषियों पर शीघ्र कठोर कार्रवाई हो। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाए। दोषी चाहे किसी भी समुदाय का हो, उसे बख्शा न जाए। झारखंड में स्थानीय आदिवासी-मूलवासियों के अधिकारों, गरिमा और सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है की भोले - भाले आदिवासियों के सम्मान और गरिमा का ख्याल रखना हम सबका सामाजिक और राजनीतिक दायित्व है।

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