द फॉलोअप डेस्क
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच को लेकर झारखंड विधानसभा परिसर में बुधवार को राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई। सुबह 11 बजे के बाद विधानसभा के प्रभारी सचिव एवं रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार के कार्यालय कक्ष में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र की वैधता को लेकर सुनवाई शुरू होनी है। इसे लेकर विधानसभा परिसर के भीतर और बाहर नेताओं तथा समर्थकों की भारी भीड़ जुटी हुई है। लेकिन इस प्रदर्शन में झामुमो कहीं नजर नहीं आ रहा है। जबकि झारखंड में झामुमो इंडिया गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है।

नामांकन रद्द करने की मांग पर कांग्रेस का प्रदर्शन
विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायकों और नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा, उनके प्रस्तावक नमन बिक्सल कोंगाड़ी, विधायक राजेश कच्छप, जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव समेत कई वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद हैं। कांग्रेस की ओर से नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भी पहुंचे
नामांकन पत्र की सुनवाई को लेकर कांग्रेस ने अपनी कानूनी तैयारी भी मजबूत की है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता को विशेष रूप से रांची बुलाया गया है, जो सुनवाई के दौरान कांग्रेस का पक्ष रखेंगे। दूसरी ओर परिमल नाथवानी की तरफ से भाजपा विधायक नवीन जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के पास मौजूद हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नामांकन पत्रों की जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर क्या फैसला लेते हैं।