जमशेदपुर
जमशेदपुर के MGM अस्पताल में आज कैदी वार्ड में भर्ती एक मरीज अशोक महतो ने अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार, अशोक को बीती 19 अप्रैल को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था, क्योंकि उसने जेल के भीतर ही किसी धारदार हथियार से अपना गला रेतने का प्रयास किया था. हालत नाजुक होने के कारण वह ICU में ऑक्सीजन सपोर्ट पर था. आज दोपहर जब उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर किया जा रहा था, तभी हैंडओवर-टेकओवर की प्रक्रिया के दौरान मौका पाकर वह अचानक सातवीं मंजिल से कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
अस्पताल के डॉक्टरों और प्रबंधन के मुताबिक, अशोक मानसिक रूप से तनाव में था, जिसके कारण उसे लगातार साइकैट्रिस्ट सपोर्ट दिया जा रहा था. आत्महत्या के कुछ समय पूर्व, दोपहर करीब 2:30 बजे भी दो मनोचिकित्सकों ने उसकी काउंसिलिंग की थी और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही थी. हालांकि, जैसे ही उसे रिम्स भेजने के लिए एम्बुलेंस में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हुई, उसने सुरक्षाकर्मियों और अस्पताल कर्मियों को चकमा दी और सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली.
एमजीएम अस्पताल में कूदकर आत्महत्या करने का यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी अस्पताल की चौथी मंजिल से एक AIDS पीड़ित मरीज ने कूदकर जान दे दी थी. पिछले कुछ समय में यह इस तरह की तीसरी घटना है, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदी वार्ड की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बार-बार होने वाली इन घटनाओं के बावजूद मरीजों, विशेषकर मानसिक रूप से अस्वस्थ या कैदियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम न होना अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है.
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