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सीएम हेमंत से मिले प्रदीप यादव, सिंचाई-पढ़ाई समेत संताल से जुड़े 4 बड़े मुद्दों पर हुई बात; सौंपा ज्ञापन

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द फॉलोअप डेस्क:

पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने रांची में सीएम हेमंत सोरेन से मिलकर गोड्डा समेत पूरे संताल परगना से जुड़े 4 अहम मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। विधायक ने क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था, उच्च शिक्षा, पिछड़े वर्ग के अधिकारों और एक दिव्यांग मेधावी छात्र के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री से अविलंब कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।

सिंचाई परियोजनाओं को मिले मंजूरी
प्रदीप यादव ने पहले पत्र में गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट अंचल में सिंचाई सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से 'मचानतरी डैम' के निर्माण और वहां से खेतों तक पाइपलाइन बिछाने, तथा 'त्रिवेणी बीयर' के तटबंधों के जीर्णोद्धार और सहायक कैनाल के पक्कीकरण की मांग की है। विधायक ने बताया कि इन दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृति न मिलने से 70-80 गांवों के किसान सिंचाई के लाभ से वंचित हैं।

​दिव्यांग स्टेट टॉपर को मिले विशेष सम्मान
एक अन्य पत्र में विधायक ने गोड्डा के ग्राम फसिया डगांल निवासी मो० फैजानुल्लाह का जिक्र किया, जिन्होंने शारीरिक रूप से 100% दिव्यांग होने के बावजूद मुंह से कलम पकड़कर 2026 की जैक (JAC) मैट्रिक परीक्षा में 93.8% अंक लाकर स्टेट टॉपर का मुकाम हासिल किया है। अत्यंत निर्धन परिवार से आने वाले इस मेधावी छात्र की आगे की पढ़ाई के लिए विधायक ने सरकार से विशेष सम्मान-पत्र और एक बड़ी पुरस्कार राशि देने की मांग की है, ताकि राज्य के अन्य छात्रों में भी एक सकारात्मक संदेश जाए।

​SKMU में पुरानी शैक्षणिक व्यवस्था हो बहाल
शिक्षा के क्षेत्र में, विधायक ने सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU) दुमका और गोड्डा व देवघर के अंगीभूत महाविद्यालयों में विषयों को सेंट्रलाइज (Centralize) किए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से संथाल परगना जैसे बहुल अनुसूचित जाति, जनजाति (PVTG) और पिछड़े वर्ग के गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में भारी कठिनाई होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस संकल्प की समीक्षा कर पुरानी व्यवस्था को ही यथावत रखा जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को सुगमता से उच्च शिक्षा मिल सके।

​'हिन्दु धुनीया, जोलहा, नदाफ' को मिले पिछड़े वर्ग का दर्जा
सामाजिक न्याय के मुद्दे पर विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि संथाल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में "हिन्दू धुनीया, जोलहा, नदाफ" जाति की आबादी 50 हजार से अधिक है। राज्य आयोग की अनुशंसा के बावजूद अब तक इन्हें झारखंड राज्य के पिछड़े वर्ग (Annexure-1) की सूची में शामिल करने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कैबिनेट से इस पर जल्द मुहर लगाने की मांग की ताकि इस समुदाय के बच्चों को निर्धारित सरकारी लाभ मिल सके।
 

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