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खुशखबरी : अब डीवीसी नहीं करेगा बिजली कटौती, सरकार के सख्त रवैये का हुआ असर

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रांचीः

डीवीसी ने राज्य सरकार के साथ बैठक करने के बाद शुक्रवार मध्यरात्रि से बिजली कटौती का फैसला वापस ले लिया है। डीवीसी अधिकारियों की शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के साथ बैठक हुई,  जिसमें डीवीसी चेयरमैन रामनरेश सिंह ने बिजली कटौती वापस लेने की घोषणा की। कहा जा रहा है कि डीवीसी अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ बैठक करना चाहते थे, लेकिन सीएम से सहमति नहीं मिली। बताया जाता है कि सीएम डीवीसी के रवैये से नाराज हैं।

डीवीसी का ही पैसा निकलता है
शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ हुई बैठक में डीवीसी ने कहा कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड पर उसका 3289 करोड़ रुपए बकाया है। पैसे की कमी से कोयला नहीं खरीद पा रहा है। इस पर निगम ने एक नया हिसाब बताया। कहा- 2018 में उदय योजना के तहत डीवीसी को 1152 करोड़ दिए थे। इसका एडजस्टमेंट नहीं हुआ। ऐसे में डीवीसी पर ही 1000 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया निकलता है। फिर कटौती बंद करने पर सहमति बनी।


पत्र के जरिए बताया 
डीवीसी मुख्य अभियंता देवाशीष डे ने जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक को पत्र के जरिए बिजली कटौती वापस लेने की जानकारी दे दी। पत्र में लिखा है कि टॉप मैनेजमेंट के साथ झारखंड सरकार की बैठक में डीवीसी ने मासिक बिल नियमित भुगतान करने का आग्रह किया है। पूर्व के बकाए को डीवीसी एक फरवरी को सरकार के समक्ष रोडमैप पेश करेगा। कटौती वापस होने से सात जिलों चतरा, गिरिडीह, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और धनबाद में बिजली की किल्लत दूर होगी।