द फॉलोअप डेस्क
गोड्डा जिले में आज प्रकृति और आदिवासी आस्था का महापर्व सरहुल बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। जिले के महगामा क्षेत्र के आदिवासी टोला में आयोजित सरहुल महोत्सव में लोगों ने पारंपरिक झांकियों, नृत्य और संगीत के माध्यम से त्योहार की भव्यता को और भी जीवंत बना दिया। महोत्सव में महगामा विधायक और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित रहीं। उन्होंने आदिवासी महिलाओं और युवतियों के साथ सामूहिक नृत्य में भाग लिया और उत्सव का आनंद उठाया। मंत्री ने कहा कि पूरे झारखंड में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है और बड़ी संख्या में आदिवासी भाई-बहन इसमें शामिल होकर अपने सांस्कृतिक उत्साह को साझा कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि पर्व-त्योहार समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और हमारी विविधता ही हमारी पहचान है। इस वर्ष दो पर्व ईद और सरहुल साथ में हुए हैं। ईद के अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सभी को शुभकामनाएं दी और महिलाओं के साथ गले मिलकर पर्व का आनंद साझा किया।
बता दें इसके बाद रामनवमी का पर्व भी मनाया जाएगा। सरहुल महोत्सव में आदिवासी समाज के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन और भी सामुदायिक और सौहार्दपूर्ण रूप में संपन्न हुआ। महोत्सव का माहौल पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों की थाप और सामूहिक नृत्य से भरा हुआ था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सहभागिता ने उत्सव की शोभा और बढ़ा दी। यह अवसर न केवल प्रकृति और संस्कृति के प्रति आदिवासी समाज की आस्था को दर्शाता है, बल्कि सामुदायिक एकता और सामाजिक मेलजोल का भी प्रतीक बनता है। गोड्डा में आयोजित यह सरहुल महोत्सव इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे त्योहार लोगों को जोड़ते हैं और उनकी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं।
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