रांची:
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रवक्ता आभा सिन्हा ने कहा है कि भारतीय सभ्यता में नव वर्ष खुशी का दिन है। लेकिन, ये नव वर्ष मोदी सरकार में महंगाई की पीड़ा लेकर आया है। इस देश में महंगाई अब एक इवेंट बन गई है। देश ‘महंगे मोदीवाद’ से त्रस्त और पस्त है। भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत देश के लोगों से लूट का लाइसेंस हो गई है।

आम लोगों की जेब काटकर करोड़ों की वसूली!
आभा सिन्हा ने कहा कि किसान की जेब काट कर अकेले डीएपी से मोदी जी और बीजेपी करोड़ों रूपये वसूली कर रही है। 1अप्रैल से मोदी सरकार ने डीएपी में बढ़ोतरी कर देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं पर अतिरिक्त बोझा डाला है, जो देशहित में नहीं है। देश के किसान मंहगाई के कारण आत्महत्या को विवश हो रहे हैं लेकिन, इससे मोदी सरकार को कोई लेना-देना नहीं है, वह अपनी वोट के मद में चूर है।
पेट्रोल-डीजल की महंगाई का गुड मॉर्निंग गिफ्ट
उन्होंने कहा कि आजकल पेट्रोल - डीजल की कीमत बढ़ने का गुड़ मॉर्निंग गिफ्ट मोदी जी देते हैं। हर रोज गुड मॉर्निंग गिफ्ट, चाय की प्याली बाद में और पेट्रोल - डीजल की कीमत पहले, गुड मॉर्निंग गिफ्ट मिलता है । पिछले कई दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत लगातार बढ़ रही है। विगत दिनों में पेट्रोल - डीजल की कीमत बढ़ी है, उनका सालाना अतिरिक्त खर्चा साधारण व्यक्ति, नौकरीपेशा व्यक्ति, गरीब, किसान, मजदूर, सबकी जेब से निकाल रहे हैं।
महिलाओं की दुश्मन बनी भारतीय जनता पार्टी!
प्रवक्ता आभा सिन्हा ने कहा कि ऐसा लगता है मोदी जी इस घर के और भारतीय जनता पार्टी इस देश की महिलाओं की दुश्मन है। घर के बजट की भी भारतीय जनता पार्टी दुश्मन बन गई है। दुश्मन के नजरिए से देखती है। पहली अप्रैल को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर कल 250 रुपए बढ़ा दिया गया। केवल पिछले दो महीने में फरवरी, मार्च के अंदर ये 346 रुपए बढ़ चुका है। पिछले 8 साल में 845 रुपए बढ़ चुका है, अब तो पकौड़े तलना भी मुश्किल हो गया।
मोदी जी कहते थे कि पकौड़े तलो।
कहां से पकौड़े तलें, बाहर खाना मुश्किल हो गया। गृहणियों का, हमारी बहनों का, माताओं का उनका गैस सिलेंडर 22 मार्च, 2022 को 50 रुपए बढ़ाया और अगर सितंबर और अक्टूबर का रेट भी मिला लूं, जो दो बार बढ़ाया तो 131 रुपए घर का सिलेंडर, रसोई का गैस सिलेंडर बढ़ चुका है।

जनविरोधी नीतियों की वजह से चरम पर महंगाई
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की जनविरोधी नीति के कारण देश में मंहगाई चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। देश की गरीब जनता को जीना दुभर हो गया है साथ हीं दो वक्त की रोटी भी मिलना दुर्भर हो चुका है। मोदी सरकार को इसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए मंहगाई को नियंत्रित करना चाहिए, नहीं तो देश को श्रीलंका देश की तरह बनने में देर नहीं लगेगी।