logo

जामताड़ा में बढ़ता अपराध और पुलिस की 'चुप्पी' – विधायक के गृह क्षेत्र में खौफ का साया

WhatsApp_Image_2026-04-25_at_9_37_35_AM.jpeg

​जामताड़ा
कभी साइबर अपराध के लिए बदनाम रहा जामताड़ा जिले अब संगीन आपराधिक घटनाओं के चपेट में है। पिछले कुछ दिनों में जामताड़ा और मिहिजाम थाना क्षेत्रों में जिस तरह से चोरी, आगजनी और अपहरण जैसी घटनाएं हुई हैं, उसने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि ये घटनाएं राज्य के  वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री सह स्थानीय विधायक के विधानसभा क्षेत्र में ही घट रही हैं, इसके बावजूद पुलिस मौन साधे हुए है। जामताड़ा में नए पुलिस अधीक्षक ने कुछ दिन पहले ही पदभार ग्रहण किया है उनके सामने भी चुनौती बनी हुई है अब देखना होगा कि इसमें पुलिस क्या सफलता हासिल कर पाती है,जिले में कानून-व्यवस्था की बदहाली को इन चार प्रमुख मामलों से समझा जा सकता है। एक के बाद एक वारदात पुलिस खाली हाथ
1. बैंक कर्मी के घर में सेंधमारी (8 अप्रैल):
राजपल्ली मोहल्ले में चोरों ने दुस्साहस दिखाते हुए भारतीय स्टेट बैंक के कर्मी प्रदीप चौबे के घर को निशाना बनाया। जब पूरा परिवार सो रहा था, चोरों ने खिड़की तोड़कर अलमारी से सोने के जेवरात उड़ा लिए। घटना के इतने दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

​2. अस्पताल को आगजनी की कोशिश (16 अप्रैल):
सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर के जनरेटर में एक अज्ञात युवक द्वारा आग लगा दी गई। उस वक्त अस्पताल में 100 से अधिक मरीज और दर्जनों डॉक्टर मौजूद थे। स्वास्थ्यकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। लेकिन 9 दिन बीत जाने के बाद भी  आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

​3. सुभाष चौक पर ज्वेलरी शॉप में चोरी (20 अप्रैल):
शहर के व्यस्ततम इलाके सुभाष चौक स्थित शुभम ज्वेलर्स में चोरों ने वेंटिलेटर तोड़कर करीब 5 किलोग्राम चांदी और अन्य कीमती सामान पार कर दिया। चोरी गए सामान की कीमत 12 से 13 लाख रुपये बताई जा रही है। इस घटना से व्यापारियों में डर का माहौल है। सुरक्षित क्षेत्र में हुई इस वारदात ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है।

​4. दो सगी बहनों का अपहरण (22 अप्रैल):
मिहिजाम थाना क्षेत्र के हलुद कणाली गांव से 16 और 13 वर्ष की दो सगी बहनें 19 अप्रैल से लापता हैं। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन 6 दिन बाद भी बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस लोकेशन ट्रैक करने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।​जनता में आक्रोश, व्यवसायियों में डर
इन घटनाओं के कारण जामताड़ा के आम नागरिकों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विधायक और मंत्री के क्षेत्र में ही पुलिस अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रही, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित  होगा।  जामताड़ा में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। यदि पुलिस ने जल्द ही इन मामलों का उद्भेदन नहीं किया और अपराधियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो जनता का कानून से विश्वास उठना तय है। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
 

Tags - Jharkhand JamtaraBreaking Update