द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिला प्रशासन ने गर्मी में पानी की कमी (जल संकट) को देखते हुए पहले से तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण इलाकों में परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए 09 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक जामताड़ा के सभी ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है। ताकि ग्रामीण इलाकों में खराब पड़े चापाकलों (हैंडपंप) की मरम्मत, पाइपलाइन की लीकेज ठीक करना, जल स्रोतों का निरीक्षण और सुधार आदि जैसे समस्याओं का समाधान किया जाए इस अभियान के तहत जामताड़ा जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान संभावित जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। पेयजल की कमी को दूर करने और ग्रामीण इलाकों में सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त के निर्देश पर एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। 118 पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान जिले की सभी 118 पंचायतों में आगामी 09 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” का आयोजन किया जाएगा। इस 10 दिवसीय अभियान का मुख्य लक्ष्य बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत, पाइपलाइन की लीकेज सुधारना और जल स्रोतों का निरीक्षण करना है, ताकि तपती गर्मी में आम जनता को पानी के लिए भटकना न पड़े। अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक फ्लाइंग स्क्वाड (उड़न दस्ता) जांच दल का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व वरीय पदाधिकारी के रूप में भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुशांत कन्डुलना करेंगे। टीम में तकनीकी सहयोग के लिए जिला समन्वयक (एसबीएम) अनोज कुमार मंडल और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को शामिल किया गया है।
निरीक्षण का विस्तृत कार्यक्रम जांच दल द्वारा पंचायतों का तिथिवार दौरा किया जाएगा, जिसका विवरण निम्नलिखित है:
09 और 10 अप्रैल: मदनाडीह एवं बांकूडीह पंचायत।
11 अप्रैल: दिघारी पंचायत।
12 अप्रैल: कोरीडीह-1 पंचायत।
13 अप्रैल: बुधुडीह पंचायत।
14 अप्रैल: पियालसोल पंचायत।
15 अप्रैल: सीउलीबाड़ी पंचायत।
16 से 18 अप्रैल: नाला प्रखंड की धोबना, बड़ारामपुर और अफजलपुर पंचायतें।
सख्त निर्देश और प्रचार-प्रसार: उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को हिदायत दी है कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी समस्याओं को सीधे जांच दल के समक्ष रख सकें और समय पर उनका समाधान हो सके।
प्रशासन की इस पहल से जिले के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।