जामताड़ा
जामताड़ा डीसी ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत दर्जनों लाभुकों के बीच सुकर भेड़ और बकरी का वितरण किया. पशु वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना विशेष रूप से उन ग्रामीणों के लिए है जो खेती के साथ-साथ आय के अन्य स्रोत तलाश रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि पशुपालन न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खोलता है. उपायुक्त ने लाभुकों से कहा कि सरकार द्वारा दिए गए इन पशुओं को केवल एक सरकारी सहायता न समझें, बल्कि इन्हें आय के स्थायी स्रोत के रूप में विकसित करें. इनकी समुचित देखभाल और सही पालन-पोषण से ही इस योजना का वास्तविक लाभ आप तक पहुंचेगा.
वहीं उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे केवल वितरण तक ही सीमित न रहें. उन्होंने जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि समय-समय पर लाभुकों के घर जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच की जाए और उन्हें आधुनिक पशुपालन की तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए. इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्षा दीपिका बेसरा, जामताड़ा उप प्रमुख नरेश दूरी,जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. पशु पाकर लाभुकों के चेहरे खिल उठे. उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मदद से उन्हें अपने ही गांव में रोजगार मिलेगा और पलायन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
