logo

मंत्री इरफान अंसारी के क्षेत्र में अंधेरा, बिजली-पानी को तरस रहा आदिवासी बहुल गांव बेलटांड़

वातूोल्.jpg

दीपक झा/ जामताड़ा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। एक तरफ जहां राज्य में विकास की गंगा बहाने के वादे किए जाते हैं, वहीं जामताड़ा प्रखंड की मेझिया पंचायत का आदिवासी बहुल गांव बेलटांड़ आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। करीब 25 घरों और 150 से अधिक की आबादी वाले इस गांव में आज तक बिजली का एक बल्ब तक नहीं जल सका है।


​दफ्तरों के चक्कर काट कर थके ग्रामीण
​ग्रामीणों का आरोप है कि उनके भोलेपन और अशिक्षा का फायदा अधिकारी और राजनेता बखूबी उठा रहे हैं। गांव के युवाओं का कहना है कि वे वर्षों से बिजली और पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त और बिजली विभाग के चक्कर काटने के साथ-साथ खुद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से भी मुलाकात की। मंत्री ने आवेदन पर हस्ताक्षर कर आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला। 


​3 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी
​बिजली के अभाव में जहां बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, वहीं पानी की समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। आज भी गांव की महिलाएं 3 किलोमीटर दूर दूसरे पंचायत जाकर पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। व्यवस्था की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से गुहार लगाकर थक चुके हैं। अब उनके पास अपनी आदिवासी परंपरा के अनुसार हथियार लेकर आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। यदि जल्द ही बेलटांड़ गांव में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह आक्रोश बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
 

Tags - Jharkhand news Rural development Electricity crisis Tribal village Infrastructure India news