द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित धातकीडीह कब्रिस्तान के पास सोमवार की देर शाम माहौल तनावपूर्ण हो गया। जिसके बाद बिष्टुपुर पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। सूचना मिलने पर सीसीआर डीएसपी मनोज ठाकुर के नेतृत्व में कदमा, जुगसलाई, सिदगोड़ा और सोनारी थाने की पुलिस क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंची और इलाक़े में फ्लैग मार्च निकाल कर मामले को शांत कराया। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है। दरअसल, धातकीडीह कब्रिस्तान के पास शाम के वक्त खेल रहे बच्चों की फुटबॉल परिसर के अंदर अफसर टेंट के गोदाम में चली गई थी। इसके बाद धातकीडीह मेडिकल बस्ती के दो नाबालिग बच्चे फुटबॉल लाने के लिए दीवार फांद कर कब्रिस्तान के अंदर पहुंचे थे। जहां तीन युवकों ने दोनों नाबालिगों पर चोरी का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई शुरू कर दी।
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इस दौरान युवकों की पिटाई से एक 13 वर्षीय बच्चे का हाथ टूट गया। जबकि दूसरे बच्चे के शरीर पर भी अंदरूनी चोटें आई। घटना के बाद दोनों को टीएमएच ले जाया गया, जहां एक बच्चे का पलस्तर किया गया और दूसरे को प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई। इधर, बच्चों की पिटाई की जानकारी मिलते ही मेडिकल बस्ती से उठकर लोगों की भीड़ कब्रिस्तान पहुंची। उन्होंने बच्चों की पिटाई के विरोध में जमकर हंगामा किया। इस दौरान बस्ती के लोग बच्चों की पिटाई करने वाले युवकों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पीड़ित बच्चे के बड़े भाई संदीप सिंह ने बताया कि धातकीडीह कब्रिस्तान के पास हरिजन बस्ती बसी है, जहां बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान गेंद कब्रिस्तान परिसर में चली गयी। जब बच्चे गेंद लेने कब्रिस्तान में गये, तो वहां मौजूद तीन युवकों ने उन पर चोरी का आरोप लगाकर पकड़ लिया। इसमें अफसर टेंट के मालिक का बेटा भी शामिल था। युवकों ने बच्चों की बांस से पिटाई की और करीब दो घंटे तक अपने पास बैठाए रखा। उनके छोड़ने पर बच्चे घर पहुंचे और घटना की जानकारी दी।

इसके बाद बस्ती के लोग आक्रोशित हो गए और कब्रिस्तान पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने अफसर टेंट में भी तोड़फोड़ करने का भी प्रयास किया। लेकिन, पुलिस के पहुंच जाने के कारण स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। वहीं, दूसरी ओर बस्ती के लोगें ने हिरासत में लिये गये युवक इम्तियाज को थाना ले जाने का भी विरोध किया। बस्ती के लोगों ने पुलिस की गाड़ी को जबरन रोकने की कोशिश भी की। उनका कहना था कि पुलिस जो भी कार्रवाई करे, सबके सामने करे। पुलिस ने उन लोगों को समझने की काफी कोशिश की। लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। जब हिरासत में लिए युवक को पुलिस लेकर जाने लगी तो लोगों ने पुलिस गाड़ी पर पीछे से पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने लोगों को शांत कराने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। जिसके बाद पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों को थाना ले आई।