जमशेदपुर
महंगाई के मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री का पुतला दहन किये जाने पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आपदा में अवसर खोजने की राजनीति कर रहा है, जो उनकी गिरी हुई मानसिकता को दर्शाता है। गीता कोड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व वैश्विक आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ईरान-अमेरिका तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। समुद्री आपूर्ति मार्ग प्रभावित होने से भारतीय अर्थव्यवस्था, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और रसोई के खर्च पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
पेट्रोल-डीजल पर वैट कम कर जनता को राहत देने की भी मांग
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार लोगों से अनावश्यक विलासिता की वस्तुओं की खरीदारी कम करने और विदेशी मुद्रा पर अधिक भार डालने वाली वस्तुओं से बचने की अपील कर रहे हैं। यहां तक कि सोना-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं की खरीद सीमित करने की सलाह भी दी गई है, लेकिन विपक्ष जनता को जागरूक करने के बजाय इसका मजाक उड़ाने में लगा है। भाजपा नेत्री ने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह गरीब, आदिवासी और मूलवासी परिवारों को राहत देने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार करे और चीनी, दाल तथा खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर वैट कम कर जनता को राहत देने की भी मांग की।
चुनाव के समय 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा
गीता कोड़ा ने कहा कि चुनाव के समय 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक गरीब परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने राज्य सरकार से गरीब और जरूरतमंद आदिवासी-मूलवासी परिवारों को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी जिम्मेदार सरकार का कर्तव्य होता है कि संभावित मूल्य वृद्धि को देखते हुए आवश्यक वस्तुओं का भंडारण कर नागरिकों को राहत देने की तैयारी करे, लेकिन राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर केवल केंद्र सरकार पर दोषारोपण कर रही है।
सरकार को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए
गीता कोड़ा ने राज्य सरकार की विफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। रोजगार के नाम पर युवाओं को निराशा मिली है। भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और गिरती कानून-व्यवस्था ने राज्य की छवि खराब की है। उन्होंने कहा कि जो सरकार युवाओं, किसानों, मजदूरों और गरीबों का ख्याल नहीं रख सकती, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। ऐसी सरकार को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।